उत्तराखंड विधानसभा चुनाव, एलजेपी (रामविलास) का 35 सीटों पर अकेले उतरने का ऐलान, कांग्रेस ने भी बनाई आक्रामक रणनीति,,,

देहरादून। उत्तराखंड विधानसभा चुनाव के नजदीक आते ही राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। राज्य में भाजपा और कांग्रेस के मुख्य मुकाबले के बीच अब अन्य दलों ने भी अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। इसी क्रम में चिराग पासवान की पार्टी लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने भी आगामी विधानसभा चुनाव में ताल ठोकने की औपचारिक घोषणा कर दी है, वहीं मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने भी सत्ताधारी दल को घेरने के लिए धारदार चुनावी रणनीति तैयार करनी शुरू कर दी है।
🟢 35 सीटों पर चुनाव लड़ेगी एलजेपी (रामविलास), गठबंधन से इनकार

हरिद्वार प्रेस क्लब में आयोजित एक प्रेसवार्ता के दौरान लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के उत्तराखंड प्रदेश अध्यक्ष विशाल सिंह ठाकुर और प्रदेश महासचिव अंकुर कर्णवाल ने ऐलान किया कि पार्टी प्रदेश की लगभग 35 विधानसभा सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारने की तैयारी कर रही है।
पार्टी नेताओं ने स्पष्ट किया कि फिलहाल उनका किसी भी राजनीतिक दल के साथ गठबंधन का कोई विचार नहीं है। हालांकि, भविष्य में गठबंधन को लेकर किसी भी प्रकार का अंतिम निर्णय पार्टी का शीर्ष नेतृत्व ही लेगा। प्रेसवार्ता में बेरोजगारी, पलायन, जर्जर सड़कें, पेपर लीक, शिक्षा, स्वास्थ्य और स्थानीय विकास जैसे गंभीर जनसरोकारों के मुद्दों को प्रमुखता से उठाने की बात कही गई। पार्टी का दावा है कि प्रदेश की जनता पारंपरिक राजनीति से निराश हो चुकी है और एक नया विकल्प तलाश रही है। संगठन को बूथ स्तर पर मजबूत करने का अभियान तेजी से चल रहा है और जल्द ही प्रत्याशियों के नामों की घोषणा भी की जाएगी।
🟢 कांग्रेस ने कसी कमर- पेपर लीक और ‘चंदा चोरी’ के मुद्दों को बनाएगी जन-आंदोलन

दूसरी ओर, आगामी चुनावों को लेकर कांग्रेस पार्टी ने सत्तारूढ़ भाजपा सरकार के खिलाफ आक्रामक रुख अख्तियार कर लिया है। पार्टी युवाओं के रोजगार, पेपर लीक और ‘चंदा चोरी’ जैसे संवेदनशील मुद्दों को चुनाव तक लगातार गरमाने की योजना बना रही है।
प्रदेश कांग्रेस महामंत्री संगठन राजेंद्र भंडारी के अनुसार, आगामी कांग्रेस कोर कमेटी की बैठक में इस बात पर विशेष मंथन किया जाएगा कि इन तमाम मुद्दों को जनता के बीच ले जाकर एक प्रभावी जन-आंदोलन का रूप कैसे दिया जाए।
🟢 सरकार के 30 हजार नौकरियों के दावे को बताया ‘सफेद झूठ’
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि युवाओं के अधिकार और मुद्दे हमेशा से पार्टी की प्राथमिकता रहे हैं। उन्होंने सरकार द्वारा 30 हजार से अधिक सरकारी नौकरियां दिए जाने के दावों को पूरी तरह से “सफेद झूठ” करार दिया। गोदियाल का आरोप है कि भाजपा शासनकाल में बेरोजगारी अपने चरम पर है, जिसके चलते राज्य के लाखों युवाओं के भविष्य के सपने चकनाचूर हो रहे हैं।
