उत्तराखंड MDDA में हुआ बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, वीसी बंशीधर तिवारी ने इंजीनियरों के बदले सेक्टर, प्रतिनियुक्ति वाले भेजे गए वापस,,,,

देहरादून: मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (MDDA) के प्रशासनिक ढांचे को चुस्त-दुरुस्त और पारदर्शी बनाने के लिए उपाध्यक्ष (VC) बंशीधर तिवारी ने बड़ा कदम उठाया है। प्राधिकरण में भ्रष्टाचार और शिथिलता पर कड़ा प्रहार करते हुए वीसी ने बड़े पैमाने पर अभियंताओं के कार्यक्षेत्रों में फेरबदल कर दिया है। शासन की मंशा के अनुरूप पारदर्शिता और दक्षता लाने के उद्देश्य से जारी इस आदेश के तहत कई इंजीनियरों को ताश के पत्तों की तरह इधर से उधर फेंटा गया है, वहीं प्रतिनियुक्ति पर जमे कार्मिकों को वापस भेजने की तैयारी भी कर ली गई है।
प्राधिकरण द्वारा जारी संशोधित कार्यालय आदेश के तहत तत्काल प्रभाव से विभिन्न अधिकारियों और अभियंताओं को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं, जो इस प्रकार हैं:
🟢 अवैध निर्माण की निगरानी के लिए नए सेक्टर प्रभारी
- राजेन्द्र बहुगुणा: सेक्टर-03, 04 एवं 05 में अवैध निर्माण पर प्रभावी निगरानी और कार्रवाई की जिम्मेदारी संभालेंगे।
- सुनील कुमार गुप्ता: इन्हें सेक्टर-06, 07 एवं 08 में अवैध निर्माण से जुड़े मामलों की कमान दी गई है।
- निशान्त कुकरेती: अपने पूर्व कार्यों के साथ-साथ अब सेक्टर-09 की अतिरिक्त जिम्मेदारी भी देखेंगे।
- संजीव कुमार अग्रवाल: सेक्टर-10 एवं 12 में अवैध निर्माण संबंधी मामलों पर पैनी नजर रखेंगे।
- अभिषेक भारद्वाज: इन्हें परवादून क्षेत्र में अवैध निर्माण पर अंकुश लगाने का महत्वपूर्ण दायित्व सौंपा गया है।
🟢 अधिशासी अभियंताओं को अतिरिक्त व महत्वपूर्ण जिम्मेदारी
- शांति सिंह रावत (अधिशासी अभियंता): इन्हें पूर्व दायित्वों के साथ सिंगल विंडो सिस्टम, बोर्ड बैठकों की तैयारी, नजूल भूमि मामले, सीएम हेल्पलाइन, सुप्रीम कोर्ट मॉनिटरिंग कमेटी और विभिन्न उच्च स्तरीय बैठकों से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों का जिम्मा दिया गया है।
- सुनील कुमार (अधिशासी अभियंता): इन्हें शहर के सौंदर्यीकरण को बढ़ावा देने के लिए उद्यान (गार्डन) संबंधी कार्यों का अतिरिक्त दायित्व सौंपा गया है।
- शशांक सक्सेना: इन्हें हरबर्टपुर स्थित प्राधिकरण की बेशकीमती भूमि के विकास के लिए विशेष परियोजना तैयार करने, उसकी डिजाइनिंग और लेआउट विकसित करने का जिम्मा मिला है।
- अजय कुमार मलिक और प्रमोद कुमार मेहरा: इन दोनों अधिकारियों को सिंगल विंडो प्रणाली से संबंधित पटल का कार्य सौंपा गया है ताकि आम जनता के नक्शे व अन्य औपचारिकताएं समय पर पूरी हो सकें।
🟢 आरटीआई (RTI) अपीलों के निस्तारण पर विशेष फोकस
पारदर्शिता को बढ़ावा देने के लिए वीसी ने सूचना का अधिकार अधिनियम-2005 के तहत आने वाले मामलों पर भी कड़ा रुख अपनाया है। आदेश के अनुसार सेक्टर-01 से 12, परवादून, पछवादून, ऋषिकेश और मसूरी क्षेत्र के सभी पटल सहायकों को अपने नियमित कार्यों के साथ विभागीय अपीलीय अधिकारी के समक्ष लंबित आरटीआई अपीलों का त्वरित निस्तारण करना अनिवार्य होगा।
🔴 अवैध निर्माण पर कसता शिकंजा
एमडीडीए द्वारा किया गया यह प्रशासनिक पुनर्गठन देहरादून और मसूरी क्षेत्र में सुनियोजित विकास कार्यों में तेजी लाने तथा अवैध निर्माण पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा और सख्त कदम माना जा रहा है। उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी के इस कड़े रुख से साफ है कि लापरवाही या मिलीभगत बर्दाश्त नहीं की जाएगी और नई जिम्मेदारियों के साथ अब सभी स्तरों पर कार्यप्रणाली की सीधी मॉनिटरिंग की जाएगी।
