उत्तराखंड हरिद्वार में भारी बारिश से दो मकान ढहे, जिला प्रशासन ने रेस्क्यू कर परिवारों को राहत शिविर पहुँचाया,,,

हरिद्वार। धर्मनगरी हरिद्वार में भारी बारिश के बीच एक बड़ा हादसा सामने आया है। रेलवे स्टेशन के पास काली कमली धर्मशाला के पीछे रेलवे विभाग द्वारा पानी की टंकी के निर्माण के लिए की गई खुदाई में भारी बारिश के कारण भारी जलभराव हो गया।
“रेलवे की खुदाई में जलभराव से खिसकी मिट्टी, खतरे की जद में आए 4 अन्य मकान खाली कराए गए, पन्नालाल भल्ला इंटर कॉलेज में बनाई गई शरणस्थली”
पानी भरने से अचानक मिट्टी खिसक गई, जिसके चलते दो आवासीय भवन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। इसके साथ ही आस-पास के चार अन्य मकानों पर भी भू-कटाव के कारण गिरने का खतरा पैदा हो गया।
🟢 NDRF और पुलिस ने संभाला मोर्चा, सुरक्षित निकाले गए लोग
घटना की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देशन में जिला प्रशासन, पुलिस और एनडीआरएफ (NDRF) की टीमें तुरंत मौके पर पहुँचीन। खतरे की जद में आए भवनों में फंसे लोगों को बेहद सूझबूझ और तत्परता के साथ सकुशल बाहर निकाला गया। इसके बाद उप जिलाधिकारी (SDM) हरिद्वार योगेश कुमार मेहरा ने तहसील टीम के साथ घटनास्थल का मुआयना किया।
🟢 राहत शिविर में भोजन और पानी की मुकम्मल व्यवस्था

सुरक्षा के लिहाज से खतरे की जद में आए चार अन्य मकानों को भी तुरंत खाली करा लिया गया है। प्रभावित परिवारों को पन्नालाल भल्ला म्युनिसिपल इंटर कॉलेज में बनाए गए राहत शिविर में ठहराया गया है। उप जिलाधिकारी ने बताया कि प्रभावितों के लिए शिविर में भोजन, शुद्ध पेयजल, ठहरने और चिकित्सा जैसी सभी आवश्यक सुविधाओं के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। साथ ही, तहसीलदार हरिद्वार को आपदा मानकों के तहत प्रभावित परिवारों को तत्काल आपदा राहत राशि (अहैतुक सहायता) वितरित करने के निर्देश दिए गए हैं।
🔴 लापरवाही पर कड़े एक्शन की चेतावनी, दो राहत केंद्र चिन्हित
प्रशासन ने मानसून के मद्देनजर तहसील हरिद्वार के अंतर्गत दो स्कूलों को आधिकारिक राहत केंद्र के रूप में चिन्हित किया है, जहाँ नोडल अधिकारियों की तैनाती भी कर दी गई है:
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- पन्नालाल भल्ला म्युनिसिपल इंटर कॉलेज, हरिद्वार: (नोडल कार्मिक: अरुण कुमार एवं स्वतंत्र कुमार, संग्रह अमीन)
- आदर्श इंटर कॉलेज, श्यामपुर नौआबाद: (नोडल कार्मिक: राकेश कुमार एवं अमरीष कुमार, संग्रह अमीन)
कड़ा रुख: उप जिलाधिकारी योगेश कुमार मेहरा ने सभी नामित अधिकारियों और कर्मचारियों को 24 घंटे अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
