अरुणाचल प्रदेश में तेज बारिश से बने बादल फटने जैसे हालात, कई गांव डूबे, हाईवे पुल बहा और 15-20 रिहाइशी क्वार्टर हुए तबाह,,,,,

ईटानगर: अरुणाचल प्रदेश में कुदरत का कहर देखने को मिला है। राज्य में हुई मूसलाधार बारिश के बाद अचानक आई बाढ़ (Flash Floods) और भूस्खलन ने भारी तबाही मचाई है। निचले सुबनसिरी और केयी पन्योर जिलों में महज 3 घंटे के भीतर हुई रिकॉर्ड तोड़ बारिश के कारण कई गांव जलमग्न हो गए हैं, जिससे जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है।
मौसम विभाग के अनुसार, सुबह 6 से 9 बजे के बीच हुई इस अतिवृष्टि के कारण नदियों का जलस्तर अप्रत्याशित रूप से बढ़ गया, जिसने देखते ही देखते बाढ़ का रूप ले लिया।
🔴 गांवों में घुसा पानी, फसलें और घर तबाह
इस प्राकृतिक आपदा का सबसे ज्यादा असर लुक्सिन गांव और तोरू सर्कल के यियी-I व यियी-II गांवों में देखने को मिला। स्थानीय निवासियों के मुताबिक, सुबह करीब 6:30 बजे अचानक बाढ़ का पानी रिहायशी इलाकों और खेतों में घुस गया।
- संपत्ति का नुकसान: लुक्सिन गांव में दुखुम आदि के घर सहित कई इमारतें क्षतिग्रस्त हो गई हैं।
- खेती को झटका: खेतों में खड़ी फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गई हैं। खासकर अनानास, केले और संतरे के बागानों को भारी नुकसान पहुंचा है।
- रेस्क्यू ऑपरेशन: सबसे ज्यादा प्रभावित यियी गांव से स्थानीय लोगों को सुरक्षित बाहर निकालकर ऊंचे और सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। राहत की बात यह है कि अब तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
🔴 हाईवे पुल बहा, NEEPCO कॉलोनी में भारी नुकसान

बाढ़ का प्रकोप सिर्फ गांवों तक सीमित नहीं रहा। केयी पैन्योर ज़िले के याज़ाली में पोसा स्थित NEEPCO कॉलोनी में भी इस आपदा ने भारी तबाही मचाई है।
मुख्य बुनियादी ढांचे को नुकसान:
- बाढ़ के तेज बहाव में 15 रिहायशी क्वार्टर पूरी तरह नष्ट हो गए।
- इलाके को जोड़ने वाला एक मुख्य हाईवे पुल बह गया है, जिससे संपर्क पूरी तरह कट गया है।
🔴 कम समय में अत्यधिक बारिश बनी वजह
मौसम वैज्ञानिकों के विश्लेषण के अनुसार, यह बाढ़ लगातार कई दिनों की बारिश का नतीजा नहीं, बल्कि बादल फटने जैसी तीव्र बारिश के कारण आई है। पूर्वी हिमालय के पहाड़ी और ऊबड़-खाबड़ इलाकों में जब कम समय में बहुत ज़्यादा पानी बरसता है, तो वह पहाड़ों की ढलानों से तेजी से बहकर नदियों में पहुंच जाता है। इसी अचानक बढ़े जलस्तर के कारण यह भयावह स्थिति पैदा हुई।
🔴 मौसम विभाग की चेतावनी
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आने वाले दिनों के लिए अलर्ट जारी किया है। लगातार जारी मानसूनी गतिविधियों और नदियों के उफान पर होने के कारण मिट्टी पूरी तरह पानी सोख चुकी है। ऐसे में अरुणाचल प्रदेश के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक और अधिक बाढ़ तथा भूस्खलन (Landslides) का खतरा बना हुआ है। प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
