लखनऊ अग्निकांड, भाकियू ने मुख्यमंत्री योगी को पत्र भेजकर की ₹50 लाख मुआवजे और अवैध संस्थानों की जांच की मांग,,,,

लखनऊ। लखनऊ में हुए भीषण अग्निकांड को लेकर प्रदेश में सियासी और प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) ने इस हादसे पर गहरा दुख जताते हुए सीधे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजा है। संगठन ने पत्र के माध्यम से हादसे के पीड़ितों के लिए न्याय और जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई है।
🔴 भाकियू की मुख्य मांगें: मुआवजे और जवाबदेही पर जोर
भारतीय किसान यूनियन ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में प्रशासन से निम्नलिखित कदम उठाने की मांग की है:
- मुआवजा: अग्निकांड में जान गंवाने वाले मृतकों के परिजनों को ₹50-50 लाख की आर्थिक सहायता दी जाए।
- अधिकारियों पर कार्रवाई: विकास प्राधिकरण और दमकल विभाग के उन जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई हो, जिनकी लापरवाही से यह हादसा हुआ।
- अवैध संस्थानों की जांच: पूरे शहर में बिना एनओसी (NOC) और मानकों के विपरीत चल रहे अवैध व्यावसायिक संस्थानों की तत्काल जांच कराई जाए।
🛑 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कड़े निर्देश: ‘सुरक्षा से कोई समझौता नहीं’

अग्निकांड की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उच्च स्तरीय बैठक कर अधिकारियों को बेहद कड़े निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने साफ कहा कि फायर सेफ्टी मानकों में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
“मुख्यमंत्री योगी के सख्त निर्देश- बेसमेंट में कोचिंग और नर्सिंग होम पर रोक, फायर सेफ्टी ऑडिट के आदेश”
🔴 अधिकारियों को दिए मुख्य दिशा-निर्देश
- व्यापक फायर सेफ्टी ऑडिट: प्रदेश के हर जनपद में विशेष टीमों का गठन कर बड़े स्तर पर फायर सेफ्टी ऑडिट कराया जाए।
- जागरूकता के बाद कार्रवाई: प्रशासन पहले नागरिकों और व्यापारियों को नियमों के प्रति जागरूक करे, उसके बाद ही दंडात्मक कार्रवाई की नीति अपनाई जाए।
- उत्पीड़न पर रोक: अभियान की आड़ में किसी भी आम नागरिक या व्यापारी का बेवजह उत्पीड़न नहीं होना चाहिए।
- गतिविधि का नियमन: जिस भवन को जिस काम (Commercial/Residential) के लिए अनुमति मिली है, वहां केवल वही गतिविधि संचालित हो।
- बेसमेंट पर पाबंदी: किसी भी भवन के बेसमेंट में कोचिंग सेंटर या नर्सिंग होम का संचालन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। ऐसा पाए जाने पर सख्त कार्रवाई होगी।
- रिस्पॉन्स टाइम: आपातकालीन सेवाओं (फायर ब्रिगेड, एम्बुलेंस) के रिस्पॉन्स टाइम को और कम करने के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाए जाएं।
🔴 सस्पेंड FSSO कमलेंद्र सिंह ने मांगी माफी, बयान से पीछे हटे
इस पूरे मामले में एक और नया मोड़ आया है। लखनऊ अग्निकांड के बाद निलंबित किए गए फायर सर्विस सेकेंड ऑफिसर (FSSO) कमलेंद्र सिंह, जिनका एक वीडियो बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा था, अब अपने बयान से पीछे हट गए हैं।
उन्होंने अपने वायरल वीडियो पर गहरा खेद व्यक्त करते हुए माफी मांगी है। कमलेंद्र सिंह का कहना है कि:
”वह वीडियो बेहद भ्रमित और विपरीत परिस्थितियों में बनाया गया था। हादसे में 15 लोगों की मौत से मैं भावनात्मक रूप से काफी आहत और व्यथित था, जिसके कारण वह बयान निकल गया।”
निलंबित अधिकारी ने अब प्रशासन की निष्पक्ष जांच पर पूरा भरोसा जताया है और अपने सोशल मीडिया पर वायरल बयान के लिए क्षमा मांगी है।
