दिल्ली जंतर-मंतर पर वर्दी पहनकर धरने में शामिल हुए उत्तराखंड के पूर्व आरक्षी का सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल, उत्तराखंड पुलिस मुख्यालय ने बैठाई जांच,,,

देहरादून। उत्तराखंड पुलिस की खाकी वर्दी पहनकर दिल्ली स्थित जंतर-मंतर पर आयोजित धरना-प्रदर्शन में शामिल होने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित (वायरल) हो रहा है। इस घटनाक्रम का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस महकमे और विभागीय गलियारों में हड़कंप मच गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए उत्तराखंड पुलिस मुख्यालय ने तुरंत संज्ञान लेते हुए विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं।
🔴 “देश नहीं बचेगा तो नौकरी का क्या करूंगा” वायरल बयान से बढ़ा विवाद

वायरल वीडियो में दिखाई दे रहा व्यक्ति खुद को उत्तराखंड पुलिस से जुड़ा बताते हुए एक विवादित बयान देता नजर आ रहा है। वर्दी में मंच से बोलते हुए उसने कहा,
“जब देश ही नहीं बचेगा तो इस नौकरी का क्या करूंगा? उत्तराखंड पुलिस की नौकरी छोड़कर कॉकरोचों की रक्षा करने आया हूं।”
सार्वजनिक मंच पर पुलिस की अधिकृत वर्दी पहनकर इस प्रकार की बयानबाजी करने और प्रदर्शन का हिस्सा बनने से मामले ने काफी तूल पकड़ लिया है।
🔴 जांच के दायरे में पूर्व सेवा स्थिति और वर्दी का दुरुपयोग
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, वीडियो में दिख रहा व्यक्ति शेर सिंह है, जो पहले पिथौरागढ़ जिले में पुलिस कांस्टेबल के पद पर तैनात था। सूत्रों के मुताबिक, उसे वर्ष 2025 में सेवा से निलंबित कर दिया गया था।
पुलिस मुख्यालय अब मुख्य रूप से निम्नलिखित पहलुओं की गहनता से पड़ताल कर रहा है:
- वर्तमान सेवा स्थिति: क्या शेर सिंह अभी भी निलंबित है या उसे सेवामुक्त कर दिया गया है?
- सरकारी संपत्ति का अनाधिकृत उपयोग: निलंबन के बावजूद उसके पास पुलिस की वर्दी कैसे उपलब्ध थी और उसने नियमावली का उल्लंघन कर इसे सार्वजनिक प्रदर्शन में कैसे पहना?
🔴 नियमानुसार होगी सख्त अनुशासनात्मक और कानूनी कार्रवाई
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, विभागीय नियमावली के तहत किसी भी पुलिसकर्मी (चाहे वह सेवारत हो या निलंबित) का सरकारी वर्दी पहनकर किसी राजनीतिक या सार्वजनिक विरोध-प्रदर्शन में भाग लेना नियमों का सीधा उल्लंघन है।
🔴 मुख्यालय का कड़ा रुख

संबंधित पुलिस इकाइयों से संपूर्ण घटनाक्रम पर रिपोर्ट तलब की गई है। पुलिस मुख्यालय का कहना है कि तथ्यात्मक जांच रिपोर्ट प्राप्त होते ही उत्तराखंड पुलिस अधिनियम और विभागीय सेवा नियमों के तहत आरोपी के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक व कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
