“पेपर लीक मामले” पर केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, दोषियों को अब मिलेगी 5 से 10 साल की कड़ी सजा और न्यूनतम 10 करोड़ रुपये का जुर्माना,,,,

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऐलान के तुरंत बाद केंद्रीय कैबिनेट ने शुक्रवार को एक बेहद महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए पेपर लीक से जुड़े मामलों में सख्त सजा सुनिश्चित करने वाले नए ड्राफ्ट बिल (Draft Bill) को अपनी मंजूरी दे दी है। इस अहम विधेयक को अगले सप्ताह शुरू हो रहे संसद सत्र में पेश किए जाने की पूरी संभावना है।
🟢 2024 के विवादों के बाद कानून को और मजबूती
गौरतलब है कि वर्ष 2024 में नीट (NEET) और नेट (NET) परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी और पेपर लीक के भारी विवाद के बाद केंद्र सरकार ‘पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) एक्ट, 2024’ लेकर आई थी। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की सहमति के बाद इसे जून 2024 में लागू किया गया था।
इस कानून से पहले केंद्र सरकार या उसकी एजेंसियों (जैसे UPSC, SSC, NTA, रेलवे और बैंकिंग) द्वारा आयोजित की जाने वाली सार्वजनिक परीक्षाओं में होने वाली धांधली से निपटने के लिए कोई अलग और विशेष रूप से ठोस कानून अस्तित्व में नहीं था।
🟢 नए व मौजूदा प्रावधानों की मुख्य बातें
- सख्त सजा का प्रावधान: पूर्व में लागू व्यवस्था के तहत नकल कराने और धांधली में शामिल पाए जाने पर 3 से 5 साल तक की जेल का प्रावधान है।
- संगठित अपराध पर कसता शिकंजा: पेपर लीक के संगठित गिरोह (Organized Crime) में शामिल लोगों के लिए 5 से 10 साल की कड़ी जेल और न्यूनतम 10 करोड़ रुपये तक के भारी जुर्माने का प्रावधान तय किया गया है।
- पारदर्शिता और नियमन: बिल में सार्वजनिक परीक्षा प्राधिकरणों द्वारा अन्य सरकारी एजेंसियों की सेवाएं लेने, स्पष्ट मानक व दिशानिर्देश तय करने और गड़बड़ी की घटनाओं की त्वरित रिपोर्टिंग से जुड़े सख्त नियम शामिल हैं।
🟢 शिक्षा मंत्रालय में बड़ा प्रशासनिक बदलाव
कैबिनेट के इस फैसले के साथ ही केंद्र सरकार ने शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग (Department of Higher Education) में भी बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है।
1994 बैच के राजस्थान कैडर के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी नरेश पाल गंगवार को उच्च शिक्षा विभाग का नया सचिव नियुक्त किया गया है। उन्होंने विनीत जोशी का स्थान लिया है।
सरकार ने संबंधित विभागों को नए कानून और व्यवस्था को बिना किसी देरी के लागू करने के लिए आवश्यक कार्रवाई तुरंत शुरू करने के निर्देश हुए जारी।
