उत्तराखंड पेपर लीक के बाद यूटीयू का कड़ा फैसला, निजी कॉलेजों के शिक्षक परीक्षा और प्रश्नपत्र निर्माण प्रक्रिया से बाहर,,,,

देहरादून। वीर माधो सिंह भंडारी उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय (यूटीयू) ने हाल ही में सामने आए पेपर लीक प्रकरण के बाद अपनी परीक्षा प्रणाली में बड़े सुधारात्मक बदलाव किए हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन ने भविष्य में परीक्षा की गोपनीयता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए निजी कॉलेजों के शिक्षकों को प्रश्नपत्र निर्माण (Question Paper Setting) और अन्य गोपनीय परीक्षा कार्यों से पूरी तरह बाहर करने का निर्णय लिया है।
🔴 परीक्षा नियंत्रक हटाए गए, दूसरा प्रश्नपत्र भी निरस्त
पेपर लीक का मामला सामने आते ही विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ. तृप्ता ठाकुर ने त्वरित कार्रवाई के निर्देश जारी किए:
- प्रशासनिक कार्रवाई: परीक्षा व्यवस्था में ढिलाई और गोपनीयता भंग होने के कारण परीक्षा नियंत्रक को तत्काल प्रभाव से पदमुक्त कर दिया गया है।
- प्रश्नपत्र रद्द: आरोपी शिक्षक द्वारा तैयार किया गया दूसरा प्रश्नपत्र भी एहतियातन निरस्त कर दिया गया है, ताकि आगामी परीक्षाओं की निष्पक्षता पर कोई सवाल न उठे।
🔴 अपने ही कॉलेज के 22 छात्रों को लीक किया था पेपर
प्राथमिक जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी शिक्षक ने अपने ही संस्थान—शिवालिक इंजीनियरिंग कॉलेज—के 22 छात्रों को प्रश्नपत्र लीक कराया था।
कार्रवाई का स्टेटस: आरोपी शिक्षक को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। विश्वविद्यालय ने उसे परीक्षा संबंधी सभी गतिविधियों से स्थायी रूप से प्रतिबंधित कर दिया है। इसके साथ ही संबंधित निजी इंजीनियरिंग कॉलेज को भी मामले में कड़ी चेतावनी जारी की गई है।
🟢 परीक्षा प्रणाली में सुधार प्राथमिकता: कुलपति
कुलपति डॉ. तृप्ता ठाकुर ने स्पष्ट किया कि छात्रों का हित विश्वविद्यालय की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा:
- “विश्वविद्यालय परीक्षा प्रणाली को और अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए ठोस सुधारात्मक कदम उठा रहा है।”
- “परीक्षा प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की अनियमितता या लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।”
