उत्तराखंड डायरेक्ट सेलिंग मॉडल युवाओं को ‘जॉब सीकर’ के बजाय ‘जॉब क्रिएटर’ बना रहा है- पुष्कर सिंह धामी

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान एसclepius Wellness Private Limited (AWPL) के प्रतिभाशाली और परिश्रमी प्रतिनिधियों को सम्मानित किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने संस्थान द्वारा डायरेक्ट सेलिंग के माध्यम से लाखों लोगों को आत्मनिर्भर बनाने और गुणवत्तापूर्ण उत्पादों को सीधे उपभोक्ताओं तक पहुँचाने के प्रयासों की सराहना की।
आर्थिक सशक्तिकरण का नया आधार: डायरेक्ट सेलिंग
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में उमड़े जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि डायरेक्ट सेलिंग मॉडल आज समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का एक प्रभावी माध्यम बन चुका है। उन्होंने कहा:
”प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश का युवा अब केवल नौकरी खोजने वाला (Job Seeker) नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला (Job Creator) बन रहा है। डायरेक्ट सेलिंग न केवल आर्थिक मजबूती देता है, बल्कि व्यक्ति के कौशल और आत्मविश्वास को भी निखारता है।”
मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से मातृशक्ति की भागीदारी को रेखांकित करते हुए कहा कि महिलाएं इस प्लेटफॉर्म के जरिए परिवार की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ कर रही हैं। उन्होंने 2021 में केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए नए नियमों का भी उल्लेख किया, जिसने इस क्षेत्र में पारदर्शिता और उपभोक्ता हितों की सुरक्षा सुनिश्चित की है।
उत्तराखंड की आर्थिक प्रगति के बढ़ते कदम
मुख्यमंत्री ने राज्य की विकास यात्रा के प्रभावशाली आंकड़े साझा करते हुए बताया कि उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था तेजी से पटरी पर है:
- जीएसडीपी (GSDP): इसमें 7.23% की वृद्धि दर्ज की गई है।
- प्रति व्यक्ति आय: लगभग 41% की उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है।
- राज्य बजट: वार्षिक बजट 60 हजार करोड़ से बढ़कर अब 1 लाख करोड़ रुपये के पार पहुँच गया है।
- निवेश: ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2023 के 3.56 लाख करोड़ के समझौतों में से 1 लाख करोड़ से अधिक का निवेश धरातल पर उतर चुका है।
औद्योगिक और सामाजिक विकास की उपलब्धियां
धामी ने बताया कि राज्य में उद्योगों की संख्या में भारी इजाफा हुआ है, जहाँ स्टार्टअप्स की संख्या 700 से बढ़कर 1750 से अधिक हो गई है। पर्यटन क्षेत्र में भी होटल और होमस्टे के माध्यम से स्थानीय रोजगार में वृद्धि हुई है।
नीति आयोग के SDG इंडेक्स में उत्तराखंड को प्रथम स्थान मिलना और सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन में देश में दूसरा स्थान प्राप्त करना राज्य की सुशासन नीतियों का प्रमाण है।
‘लखपति दीदी’ और ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’
महिला सशक्तिकरण पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि “वोकल फॉर लोकल” को बढ़ावा देने के लिए “हाउस ऑफ हिमालयाज” ब्रांड शुरू किया गया है। इसके माध्यम से स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों को वैश्विक मंच मिल रहा है, जिससे प्रदेश की लगभग पौने तीन लाख महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बनकर आत्मनिर्भर हुई हैं।
