उत्तराखंड भीषण गर्मी और बढ़ती बिजली की मांग को लेकर मुख्य सचिव ने समीक्षा बैठक में निर्बाध आपूर्ति के लिए UPCL को दिए ठोस कदम उठाने के निर्देश,,,

देहरादून। उत्तराखण्ड शासन के मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन ने राज्य में विद्युत आपूर्ति की वर्तमान स्थिति की समीक्षा के लिए एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। प्रदेश में मई और जून माह के दौरान पड़ने वाली संभावित गर्मी और बढ़ती मांग के मद्देनजर, मुख्य सचिव ने यूपीसीएल (UPCL) को अतिरिक्त बिजली प्रबंधन के लिए पूर्व में ही सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
विद्युत मांग में ऐतिहासिक वृद्धि और चुनौतियां
समीक्षा बैठक में यूपीसीएल द्वारा दिए गए प्रस्तुतीकरण में बताया गया कि देशभर में जारी ‘हीट वेव’ के कारण बिजली की मांग ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच गई है।
- राष्ट्रीय स्तर: 24 अप्रैल 2026 को देश की अधिकतम मांग 252 गीगावाट दर्ज की गई, जो अब तक का रिकॉर्ड है। आगामी वित्तीय वर्ष में इसके 277 गीगावाट तक पहुँचने का अनुमान है।
- राज्य स्तर: उत्तराखण्ड में भी 25 अप्रैल 2026 को अधिकतम मांग 2647 मेगावाट दर्ज की गई है।
- कारण: नदियों में जल स्तर कम होने से जल विद्युत उत्पादन में गिरावट, गैस की सीमित उपलब्धता और घरेलू स्तर पर एयर कंडीशनर, कूलर व इंडक्शन कुकर के बढ़ते उपयोग से सिस्टम पर 50 से 100 मेगावाट का अतिरिक्त लोड बढ़ा है।
आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सरकार की रणनीति
मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि उपभोक्ताओं को बिना किसी कटौती के गुणवत्तापूर्ण बिजली उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। इसके लिए निम्नलिखित कदम उठाए जा रहे हैं:
- केन्द्रीय पूल से मदद: राज्य सरकार के प्रयासों के बाद भारत सरकार ने केन्द्रीय पूल से 150 मेगावाट अतिरिक्त विद्युत उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है।
- बैंकिंग व्यवस्था: हिमाचल प्रदेश स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड (HPSEBL) के साथ जून 2026 के लिए बिजली की बैंकिंग व्यवस्था पर सकारात्मक वार्ता चल रही है।
- अग्रिम विद्युत क्रय: ऊर्जा एक्सचेंज में ₹10 प्रति यूनिट की अधिकतम दर होने के बावजूद, यूपीसीएल अग्रिम रूप से बिजली खरीदकर ग्रिड समन्वय बनाए हुए है।
प्रबंधन की प्रतिबद्धता और जनता से अपील
यूपीसीएल के प्रबंध निदेशक ने बैठक में आश्वस्त किया कि विभाग रियल-टाइम मॉनिटरिंग और कुशल लोड प्रबंधन के माध्यम से आपूर्ति को संतुलित रखने के लिए प्रतिबद्ध है। साथ ही, विभाग ने आम जनता से भी सहयोग की अपील की है। उपभोक्ताओं से अनुरोध किया गया है कि वे पीक आवर्स (शाम के समय) में अनावश्यक विद्युत उपकरणों का उपयोग न करें, ताकि विद्युत तंत्र पर दबाव कम किया जा सके और सभी को समान आपूर्ति मिल सके।
बैठक में उपस्थिति:
बैठक में प्रमुख सचिव श्री आर. मीनाक्षी सुंदरम, यूजेवीएनएल एवं यूपीसीएल के प्रबंध निदेशक, मुख्य अभियंता (वाणिज्य) श्री एन.एस. बिष्ट समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी और तकनीकी विशेषज्ञ उपस्थित रहे।
