उत्तराखंड में यहां विजिलेंस कार्रवाई के विरोध में उतरा राजस्व संघ, तहसील में जड़ा ताला, रातभर अंदर फंसी रही टीम अंततः समझौता,,,

सितारगंज। उत्तराखंड के सितारगंज में विजिलेंस टीम द्वारा दो तहसील कर्मियों को रिश्वत के मामले में पकड़ना महंगा साबित हुआ। विजिलेंस की कार्रवाई से आक्रोशित राजस्व कर्मियों ने तहसील के मुख्य गेट पर ताला लगाकर अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार और धरना शुरू कर दिया। इस विरोध प्रदर्शन के चलते विजिलेंस टीम को रातभर तहसील परिसर के अंदर ही कैद रहना पड़ा।
यह पूरा घटनाक्रम लगभग 20 घंटे तक चला, जिसके कारण बुधवार और गुरुवार को तहसील का समस्त कामकाज पूरी तरह ठप रहा।
🔴 क्या था पूरा मामला?
बीते बुधवार को विजिलेंस टीम ने सितारगंज तहसील परिसर में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एक वरिष्ठ सहायक और एक संग्रह अमीन को 14,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था। इस कार्रवाई से नाराज राजस्व कर्मियों ने इसे एकतरफा और विभागीय नियमों के विरुद्ध बताया। विरोध जताते हुए बड़ी संख्या में कर्मचारी एकजुट हो गए और उन्होंने तहसील कार्यालय के मुख्य प्रवेश द्वार पर ताला जड़ दिया।
🔴 रातभर कैद रही विजिलेंस टीम और ठप रहा कामकाज
कर्मचारियों के कड़े विरोध और तालाबंदी के कारण विजिलेंस टीम रातभर तहसील परिसर के भीतर ही फंसी रही। इस अप्रत्याशित धरने के कारण आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र, नामांतरण, खतौनी और भूमि से जुड़े अन्य जरूरी कार्यों के लिए पहुंचे दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों के लोगों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। बिना काम हुए लोगों को मायूस होकर वापस लौटना पड़ा।
🟢 उच्चाधिकारियों की मध्यस्थता के बाद सुलझा मामला
विवाद को समाप्त करने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों के बीच देर रात से लेकर गुरुवार तक कई दौर की वार्ताएं हुईं। लंबी चर्चा के बाद अंततः दोनों पक्षों के बीच सहमति बन गई।
सहमति के आधार पर विजिलेंस टीम ने गिरफ्तार किए गए दोनों राजस्व कर्मियों को रिहा कर दिया। इसके बाद कर्मचारियों ने अपना धरना समाप्त कर दिया, तहसील के मुख्य गेट का ताला खोला और नियमित कामकाज दोबारा शुरू किया।
🟢 प्रशासनिक बयान
एसडीएम तुषार सैनी ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि सभी संबंधित पक्षों के साथ बातचीत के जरिए सौहार्दपूर्ण समाधान निकाल लिया गया है। तहसील में अब सामान्य व्यवस्था पूरी तरह बहाल हो चुकी है, जिससे अपने जरूरी कागजात बनवाने पहुंचे आम नागरिकों ने बड़ी राहत की सांस ली है। हालांकि, कर्मचारी संगठनों ने चेतावनी दी है कि भविष्य में यदि उनके हितों की अनदेखी की गई, तो वे पुनः आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।
