उत्तराखंड बदरीनाथ धाम दान-चढ़ावा चोरी में मुख्यमंत्री के निर्देश पर 3 सदस्यीय उच्चस्तरीय जांच समिति गठित, 15 दिनों में सौंपनी होगी रिपोर्ट,,,

देहरादून। श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) ने प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। समिति ने अध्यक्ष कार्यालय में तैनात वैयक्तिक सहायक प्रमोद नौटियाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। वहीं, बदरीनाथ धाम में दान-चढ़ावे से जुड़ी कथित अनियमितताओं की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर शासन ने मामले की निष्पक्ष व विस्तृत जांच के लिए तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति का गठन किया है।
🔴 गंभीर अनियमितताओं के आरोपों के बाद हुई कड़ी कार्रवाई
श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, प्रमोद नौटियाल के विरुद्ध पदीय दायित्वों के निर्वहन में प्रथम दृष्टया गंभीर अनियमितताओं की शिकायतें प्राप्त हुई थीं। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए 3 जुलाई 2026 को उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था।
इसके साथ ही, मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए एक चार सदस्यीय आंतरिक जांच समिति का भी गठन किया गया था। इस समिति ने अपनी प्रारंभिक जांच में प्रमोद नौटियाल पर लगे आरोपों को प्रथम दृष्टया सही माना।
निलंबन का मुख्य कारण: जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट किया है कि संबंधित कर्मचारी को वर्तमान पद पर बनाए रखने से जांच प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। इसी अनुशंसा के आधार पर बीकेटीसी प्रशासन ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। निलंबन अवधि के दौरान उन्हें बीकेटीसी कार्यालय, ज्योतिर्मठ (जनपद चमोली) से संबद्ध किया गया है।
🔴 मुख्यमंत्री के निर्देश पर गठित उच्चस्तरीय समिति की संरचना
बदरीनाथ धाम में दान-चढ़ावे के प्रबंधन से जुड़ी कथित अनियमितताओं की शिकायतों को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अत्यंत गंभीरता से लिया है। स्वतंत्र और पारदर्शी जांच सुनिश्चित करने के लिए उनके निर्देश पर शासन द्वारा गठित तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति की संरचना इस प्रकार है:
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समिति में पद |
अधिकारी का नाम एवं वर्तमान पद |
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अध्यक्ष |
गढ़वाल मंडल आयुक्त |
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सदस्य |
संदीप तिवारी (प्रबंध निदेशक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन – NHM) |
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सदस्य |
जगत सिंह चौहान (निदेशक – वित्त, महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग) |
🔴 15 दिनों के भीतर शासन को सौंपनी होगी रिपोर्ट
पर्यटन सचिव धीराज सिंह गर्ब्याल द्वारा जारी आदेश के अनुसार, इस नवनियुक्त समिति को बदरीनाथ धाम में प्राप्त दान-चढ़ावे से संबंधित कथित अनियमितताओं की विस्तृत और गहन जांच करनी होगी। समिति को अपनी विस्तृत रिपोर्ट और सुधारात्मक संस्तुतियां 15 दिनों के भीतर शासन के समक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
- विशेष अधिकार: इस उच्चस्तरीय जांच समिति को आवश्यकता पड़ने पर किसी भी प्रशासनिक अधिकारी, वित्तीय विशेषज्ञ अथवा मामले से संबंधित किसी भी व्यक्ति से परामर्श लेने और साक्ष्य जुटाने का पूर्ण अधिकार दिया गया है।
- सुधारात्मक सुझाव: इसके अलावा, समिति भविष्य में दान-चढ़ावे के प्रबंधन तंत्र को अधिक पारदर्शी, उत्तरदायी और प्रभावी बनाने के लिए सरकार को महत्वपूर्ण सुधारात्मक सुझाव भी देगी।
🔴 व्यापक जांच के दायरे में आएगी संपूर्ण वित्तीय प्रणाली
प्रशासनिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, यह जांच केवल वर्तमान कथित अनियमितताओं तक ही सीमित नहीं रहेगी। भविष्य में किसी भी प्रकार की विसंगति या गड़बड़ी की संभावना को पूरी तरह समाप्त करने के लिए समिति मंदिर समिति की संपूर्ण वित्तीय कार्यप्रणाली, दान प्रबंधन प्रणाली, रिकॉर्ड संधारण (रिकॉर्ड कीपिंग) और प्रशासनिक प्रक्रियाओं की भी व्यापक समीक्षा करेगी।
