उत्तराखंड GB Pant University भर्ती घोटाले में कुलसचिव और पूर्व निदेशक समेत 4 पर कानूनी शिकंजा, कोर्ट ने थमाया समन,,,

पंतनगर/पौड़ी: उत्तराखंड के प्रतिष्ठित जीबी पंत अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संस्थान (GBPEC), घुड़दौड़ी में साल 2019 में हुई शिक्षक व अन्य पदों की भर्ती में कथित धांधली को लेकर कानूनी कार्रवाई तेज हो गई है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) पौड़ी की अदालत ने मामले का संज्ञान लेते हुए संस्थान के वर्तमान कुलसचिव, पूर्व निदेशक और दो अन्य अधिकारियों को समन जारी कर अदालत में पेश होने के आदेश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 3 अगस्त को तय की गई है।
🔴 मुख्य बिंदु
- विवाद की पृष्ठभूमि: वर्ष 2019 में संस्थान में प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर और कुलसचिव समेत कुल 45 पदों पर नियुक्तियां हुई थीं, जिनमें भारी अनियमितताओं के आरोप लगे थे।
- SIT जांच और चार्जशीट: मामले की गंभीरता को देखते हुए नवंबर 2021 में शासन ने विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया था। लंबी तफ्तीश के बाद एसआईटी ने कोर्ट में 2,000 से अधिक पन्नों का आरोप पत्र (चार्जशीट) दाखिल किया है।
- इन्हें किया गया तलब: सीजेएम शहजाद ए. वाहिद की अदालत ने वर्तमान कुलसचिव संदीप कुमार, पूर्व निदेशक प्रो. एम.पी.एस. चौहान, असिस्टेंट प्रोफेसर (मैकेनिकल) लोकेश कुमार और मनोज पाठक को समन जारी किया है।
- हाईकोर्ट से नहीं मिली राहत: आरोपी कुलसचिव संदीप कुमार ने इस मुकदमे को निरस्त कराने के लिए उत्तराखंड हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, लेकिन अक्टूबर 2025 में हाईकोर्ट उनकी याचिका को पहले ही खारिज कर चुका है।
🔴 गिरफ्तारी की तलवार
कानूनी विशेषज्ञों के मुताबिक, यदि आरोपी तय तारीख (3 अगस्त) को अदालत के समक्ष उपस्थित या आत्मसमर्पण नहीं करते हैं, तो कोर्ट उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट (गिरफ्तारी वारंट) जारी कर सकता है।
