उत्तराखंड अवैध प्लॉटिंग पर चला एमडीडीए का बुलडोजर, 170 बीघा से अधिक जमीन पर बड़ी कार्रवाई, लोगों में मचा हड़कंप,,,,

देहरादून। सुनियोजित विकास, सुरक्षित निर्माण और शहर के भविष्य को अवैध प्लॉटिंग के जाल से बचाने के लिए मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) लगातार सख्त कदम उठा रहा है। प्राधिकरण क्षेत्र में बिना स्वीकृति विकसित की जा रही अवैध कॉलोनियों और नियमों को ताक पर रखकर किए जा रहे व्यावसायिक निर्माणों के खिलाफ एमडीडीए ने एक बार फिर व्यापक अभियान चलाते हुए बड़ी कार्रवाई की है।
मसूरी, थानों, रानीपोखरी, प्रेमनगर और शिमला बाईपास रोड से जुड़े क्षेत्रों में अलग-अलग स्थानों पर की गई कार्रवाई में करीब 170 बीघा से अधिक क्षेत्र में विकसित की जा रही अवैध प्लॉटिंग को ध्वस्त किया गया, जबकि बिना मानचित्र स्वीकृति किए जा रहे व्यावसायिक एवं अन्य निर्माणों को सील कर दिया गया। प्राधिकरण की इस कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि तेजी से बढ़ते देहरादून और आसपास के क्षेत्रों में अनियोजित विकास, नियमविरुद्ध प्लॉटिंग और अवैध निर्माण को किसी भी स्तर पर संरक्षण नहीं मिलेगा।

🔴 रानीपोखरी और थानों में ध्वस्तीकरण, पेलियो गणेशपुर में सबसे बड़ा एक्शन
एमडीडीए की टीम ने ग्राम गडूल सूर्यधार (रानीपोखरी) में विशाल मनवाल और कोठारी द्वारा लगभग 50 बीघा भूमि पर बिना आवश्यक स्वीकृति विकसित की जा रही अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ कार्रवाई की। यहाँ सड़कों और प्लॉटों के लिए किए गए अवैध विकास कार्यों को मलबे में तब्दील कर दिया गया। इसी तरह, थानों क्षेत्र में प्राइमरी स्कूल के निकट प्रकाश पुरोहित और पूनम पुरोहित द्वारा लगभग 02 बीघा भूमि पर की जा रही अवैध प्लॉटिंग को भी ध्वस्त किया गया।
अभियान की सबसे बड़ी कार्रवाई पेलियो गणेशपुर में सामने आई, जहाँ पुरुषोत्तम ममगाईं द्वारा लगभग 100 से 150 बीघा भूमि पर की जा रही अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ एमडीडीए ने ध्वस्तीकरण अभियान चलाया। इतने बड़े भू-भाग में बिना स्वीकृति प्लॉटिंग किया जाना भविष्य की आधारभूत सुविधाओं के लिए गंभीर चुनौती बन सकता था। इसके अलावा थानों-धारकोट मार्ग पर ग्राम ककोट में विशाल मनवाल द्वारा बिना मानचित्र स्वीकृति किए जा रहे व्यावसायिक निर्माण को भी सील किया गया है।

🔴 हाईटेंशन लाइन के नीचे और मसूरी में निर्माण सील
सुरक्षा के मानकों से समझौता करने वालों पर भी प्राधिकरण ने कड़ा रुख अपनाया है। प्रेमनगर के केहरी गांव में राजू चौधरी द्वारा हाईटेंशन लाइन के नीचे बिना स्वीकृति किए जा रहे व्यावसायिक निर्माण को एमडीडीए ने सील कर दिया। सुरक्षा की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्र होने के बावजूद यहाँ नियमों की अनदेखी की जा रही थी। इसी तरह मसूरी के आर.के. वर्मा रोड स्थित जायसवाल एस्टेट में विराट जायसवाल द्वारा बिना स्वीकृति किए जा रहे निर्माण पर भी सीलिंग की कार्रवाई की गई।
यह पूरी कार्रवाई संबंधित सेक्टरों के सहायक अभियंता अभिषेक भारद्वाज, शशांक सक्सेना, अजय मलिक, अवर अभियंताओं और पुलिस बल की मौजूदगी में संपन्न हुई।

मैदानी
अधिकारियों का वक्तव्य
🔴 “नियमों से समझौता नहीं, जनता के हितों की रक्षा हमारी प्राथमिकता”- बंशीधर तिवारी, उपाध्यक्ष (एमडीडीए)
“देहरादून, मसूरी और प्राधिकरण क्षेत्र का विकास सुनियोजित, सुरक्षित और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप हो, यह हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। अवैध प्लॉटिंग से आम नागरिकों की मेहनत की कमाई, शहर की आधारभूत सुविधाओं और पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। आम जनता से अपील है कि भूमि या संपत्ति खरीदने से पहले उसकी स्वीकृति और वैधानिक स्थिति की जांच अवश्य करें।”

“हर सेक्टर में निगरानी, अवैध निर्माण पर तत्काल कार्रवाई”- मोहन सिंह बर्निया, सचिव (एमडीडीए)
“प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग और निर्माणों की नियमित निगरानी की जा रही है। संबंधित अभियंताओं को अपने-अपने सेक्टर में नियम विरुद्ध गतिविधियों की पहचान कर समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। जहां बिना स्वीकृति प्लॉटिंग या निर्माण पाया जाएगा, वहां नियमानुसार सीलिंग और ध्वस्तीकरण किया जाएगा। नागरिक निवेश से पहले एमडीडीए से वैधानिक स्थिति की जानकारी जरूर लें।”
🟢 जनता के नाम संदेश- निवेश से पहले बरतें सावधानी
एमडीडीए की इस कार्रवाई का एक मुख्य उद्देश्य आम लोगों को ऐसी धोखाधड़ी वाली परियोजनाओं में अपनी मेहनत की कमाई निवेश करने से बचाना भी है, जिनके पास वैधानिक स्वीकृति नहीं है। प्राधिकरण की ताबड़तोड़ कार्रवाइयों ने अवैध कॉलोनाइजरों को स्पष्ट संदेश दे दिया है कि देहरादून और मसूरी का विस्तार मनमाने तरीके से नहीं, बल्कि मास्टर प्लान और नियोजित विकास की अवधारणा के अनुरूप ही होगा। विकास की रफ्तार तेज होगी, लेकिन नियमों की कीमत पर नहीं।
