उत्तराखंड, सुप्रीम कोर्ट में टली हल्द्वानी के बनभूलपुरा रेलवे भूमि अतिक्रमण मामले की सुनवाई, अब अगली पेशी पर टिकी है सबकी निगाहें,,,,

हल्द्वानी: सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को बनभूलपुरा रेलवे भूमि अतिक्रमण मामले की प्रस्तावित सुनवाई नहीं हो सकी। कोर्ट की सूची में यह मामला तीसरे नंबर पर था, लेकिन इमरजेंसी मामलों की अधिकता के चलते इस पर सुनवाई टल गई। अदालत ने स्पष्ट किया कि यह मामला इमरजेंसी सुनवाई की श्रेणी में नहीं आता है, जिसके बाद अब इस प्रकरण की अगली सुनवाई के लिए 17 सितंबर 2026 की तिथि निर्धारित की गई है।
सुनवाई टलने के साथ ही स्थानीय पक्षों और बनभूलपुरा क्षेत्र के लोगों की निगाहें अब शीर्ष अदालत की अगली तारीख पर टिक गई हैं। लंबे समय से विचाराधीन इस प्रकरण को लेकर क्षेत्र में विशेष सतर्कता बरती जा रही है।
🟢 सुरक्षा के कड़े इंतजाम और ड्रोन से निगरानी

सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई की संभावना को देखते हुए नैनीताल जिला प्रशासन और पुलिस पहले से ही पूरी तरह अलर्ट मोड पर रही। सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम करते हुए बनभूलपुरा क्षेत्र को विभिन्न जोन और सेक्टरों में विभाजित किया गया:
- क्षेत्र में भारी पुलिस बल के साथ सशस्त्र बलों की तैनाती की गई।
- सुरक्षा के लिहाज से आंसू गैस और दंगा-रोधी दस्ते मुस्तैद रहे।
- ड्रोन कैमरों व अन्य आधुनिक माध्यमों से पूरे क्षेत्र पर लगातार कड़ी निगरानी रखी गई।
🟢 चार बस्तियों और हजारों लोगों से जुड़ा है मामला
हल्द्वानी रेलवे स्टेशन के आसपास स्थित बनभूलपुरा, गफूर बस्ती, ढोलक बस्ती और इंदिरा नगर क्षेत्रों की रेलवे भूमि से यह पूरा प्रकरण जुड़ा हुआ है। सुप्रीम कोर्ट के रिकॉर्ड के अनुसार, यहाँ करीब 30.040 हेक्टेयर भूमि पर अतिक्रमण का मामला है और इस क्षेत्र में लगभग 4,365 मकानों में 50 हजार से अधिक लोग निवास करते हैं। दूसरी ओर, रेलवे ने अपनी लाइनों के रियलाइन्मेंट के लिए करीब 30.65 हेक्टेयर भूमि की आवश्यकता बताई है। अदालत के आगामी निर्देशों पर ही अब इस संवेदनशील मामले की अगली दिशा तय होगी।
