उत्तराखंड भीषण गर्मी के चलते बदला स्कूलों का समय, 1 मई से लागू होगी नई समय-सारणी,,,,,

देहरादून: उत्तराखंड में आसमान से बरसती आग और रिकॉर्ड तोड़ तापमान को देखते हुए प्रदेश सरकार ने स्कूली छात्रों को बड़ी राहत दी है। शिक्षा विभाग ने राज्य के सभी सरकारी, अर्द्ध-सरकारी और निजी स्कूलों की टाइमिंग में बदलाव का निर्णय लिया है। नई व्यवस्था 1 मई 2026 से पूरे प्रदेश में प्रभावी हो जाएगी।
🕒 नया समय: सुबह 7:30 से दोपहर 1:30 बजे तक
शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने सोमवार को श्रीनगर में घोषणा की कि प्रदेश के सभी विद्यालय अब सुबह 7:30 बजे खुलेंगे और दोपहर 1:30 बजे बंद हो जाएंगे। वर्तमान में स्कूल सुबह 7:45 से दोपहर 2:05 बजे तक संचालित हो रहे हैं।
यद्यपि महानिदेशक शिक्षा ने जिलाधिकारियों को स्थानीय स्तर पर निर्णय लेने के अधिकार दिए थे, लेकिन शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया है कि गर्मी की गंभीरता को देखते हुए पूरे राज्य में एक समान समय लागू करना आवश्यक है। यह आदेश मैदानी क्षेत्रों के साथ-साथ पर्वतीय इलाकों में भी समान रूप से लागू होगा।
🌡️ रिकॉर्ड तोड़ती गर्मी और हीट वेव का अलर्ट
अप्रैल के अंतिम सप्ताह में ही प्रदेश का पारा 38 डिग्री सेल्सियस के पार पहुँच गया है। देहरादून समेत कई मैदानी जिलों में हीट वेव (लू) के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त है। मौसम विभाग के ताजा आंकड़ों के अनुसार:
- देहरादून: 37.9°C
- रुड़की: 38.2°C
- पंतनगर: 37.8°C
- पिथौरागढ़: 30.8°C
राहत की बात यह है कि मौसम विभाग ने अगले 3-4 दिनों में तापमान में 4 डिग्री तक की गिरावट आने की संभावना जताई है।
🏥 स्वास्थ्य विभाग अलर्ट: अस्पतालों में विशेष वार्ड आरक्षित
प्रचंड गर्मी का सीधा असर आम जनमानस के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। अस्पतालों की ओपीडी में पेट, त्वचा और आंखों के संक्रमण के मरीजों में 20 से 30 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।
”हीट वेव के खतरों को देखते हुए दून अस्पताल में 8 बेड का विशेष वार्ड आरक्षित किया गया है ताकि लू की चपेट में आने वाले मरीजों को तत्काल उपचार मिल सके।”- डॉ. आरएस बिष्ट, एमएस (दून अस्पताल)
📈 बाजार पर असर: महंगे हुए इलेक्ट्रॉनिक उपकरण
गर्मी बढ़ते ही बाजार में कूलिंग उपकरणों की मांग और कीमतों में उछाल आया है। एसी, कूलर, पंखे और फ्रिज के दामों में 5 से 10 फीसदी तक की बढ़ोतरी देखी जा रही है।
सरकार का यह कदम विशेष रूप से उन छोटे बच्चों के लिए जीवनदायी साबित होगा जिन्हें दोपहर की झुलसाने वाली धूप में घर लौटना पड़ता था। अभिभावकों और शिक्षक संगठनों ने शासन के इस फैसले का स्वागत किया है।
