उत्तराखंड के चमोली तमक गांव के पास धौली नदी में बनी कृत्रिम झील, जिला प्रशासन अलर्ट; आज से शुरू होगा मलबा हटाने का कार्य,,,,

चमोली। हिमालयी क्षेत्रों में बढ़ती गर्मी और तेजी से पिघलते ग्लेशियरों के कारण धौली नदी के जलस्तर में वृद्धि दर्ज की गई है। इस बढ़ते जलप्रवाह ने ज्योतिर्मठ से लगभग 40 किलोमीटर दूर स्थित तमक गांव के पास एक संवेदनशील स्थिति पैदा कर दी है। बीते वर्ष हुए भूस्खलन के कारण यहाँ भारी मात्रा में मलबा जमा हो गया था, जिसके चलते अब नदी का पानी रुकने से वहां झील जैसी स्थिति बन गई है।
प्रशासनिक मुस्तैदी और राहत कार्य
जिलाधिकारी गौरव कुमार ने स्थिति का जायजा लेते हुए स्पष्ट किया है कि वर्तमान में घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है। हालांकि नदी का पानी मलबे के कारण ठहर रहा है, लेकिन वहां से पानी का रिसाव निरंतर जारी है। प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाते हुए निम्नलिखित योजना बनाई है:
- मलबा निस्तारण: आज (मंगलवार) से जेसीबी मशीनों के माध्यम से मलबे को हटाने का कार्य युद्धस्तर पर शुरू किया जाएगा।
- जल प्रवाह बहाली: प्राथमिकता मलबे को साफ कर नदी के प्राकृतिक प्रवाह को सुचारू बनाने की है ताकि पानी का दबाव न बढ़े।
- सतत निगरानी: सिंचाई विभाग, खनन विभाग और जिला प्रशासन की टीमें मौके पर मौजूद हैं।
ग्लेशियर पिघलने से बढ़ा जलस्तर
उच्च हिमालयी क्षेत्रों में तापमान बढ़ने के कारण ग्लेशियर तेजी से पिघल रहे हैं। धौली नदी में पानी की मात्रा बढ़ने से तमक गांव के पास जमा पुराने मलबे ने एक अवरोधक (Barrier) का काम किया है।
”प्रशासन और संबंधित एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं। हम मलबे को हटाने का काम शुरू कर रहे हैं ताकि पानी का निरंतर बहाव सुनिश्चित किया जा सके। स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए हम तैयार हैं।” गौरव कुमार, जिलाधिकारी, चमोली
वर्तमान में एसडीआरएफ और अन्य बचाव दल भी अलर्ट मोड पर हैं ताकि भविष्य में किसी भी आकस्मिक जल वृद्धि की स्थिति में त्वरित कार्रवाई की जा सके।
