भारतीय खेल इतिहास के महानतम निशानेबाजों में शुमार और द्रोणाचार्य अवॉर्डी जसपाल राणा के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। जसपाल राणा की पूजनीय माताजी का निधन हो गया है। इस दुखद खबर के सामने आने के बाद खेल जगत, राजनीतिक गलियारों और उनके प्रशंसकों में शोक की लहर दौड़ गई है।

संस्कारों की प्रतिमूर्ति और प्रेरणास्रोत
एक खिलाड़ी को चैंपियन बनाने में उसके परिवार, खासकर उसकी मां का योगदान अतुलनीय होता है। जसपाल राणा को भारतीय निशानेबाजी के शिखर तक पहुंचाने और उन्हें अनुशासित व दृढ़ संकल्पी बनाने में उनकी माताजी की भूमिका बेहद अहम रही। उन्होंने न केवल जसपाल राणा, बल्कि अपने पूरे परिवार को उच्च नैतिक मूल्यों और संस्कारों से सींचा।
”एक मां केवल जीवन नहीं देती, बल्कि वह अपने बच्चों के सपनों को पंख भी देती है। जसपाल राणा जी की माताजी का शांत और प्रेरणादायी व्यक्तित्व इसका सबसे बड़ा उदाहरण था।”
खेल और सामाजिक जगत में शोक
माताजी के निधन पर विभिन्न खेल संगठनों, दिग्गज एथलीटों, कोचों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने गहरा दुख व्यक्त किया है। सोशल मीडिया और विभिन्न माध्यमों से लोग जसपाल राणा और उनके परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट कर रहे हैं।
एक अपूरणीय क्षति
मां का जाना किसी भी व्यक्ति के जीवन की सबसे बड़ी और कभी न भरने वाली क्षति होती है। जसपाल राणा जी ने जहां देश का नाम वैश्विक स्तर पर रोशन किया, वहीं उनकी इस यात्रा की नींव में उनकी माताजी का अटूट विश्वास और ममता शामिल थी।
इस अत्यंत दुखद घड़ी में, हम ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि वे दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और जसपाल राणा जी व उनके समस्त शोकाकुल परिवार को इस असहनीय कष्ट को सहन करने की शक्ति व धैर्य प्रदान करें।
