उत्तराखंड दो दशक का लंबा इंतजार, 156 करोड़ रुपये से धरातल पर उतरी योजना, PM के संभावित उत्तराखंड दौरे पर उद्घाटन की तैयारी, जाम से मिलेगी बड़ी राहत,,,

रुद्रप्रयाग। चारधाम यात्रा मार्ग पर यातायात को सुगम बनाने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही ‘रुद्रप्रयाग बाईपास परियोजना’ के दूसरे चरण का निर्माण कार्य पूरा हो गया है। तकनीकी परीक्षण और अलकनंदा नदी पर बने मोटर पुल की लोड टेस्टिंग सफलतापूर्वक संपन्न होने के बाद अब इसे आम जनता व श्रद्धालुओं के लिए खोलने की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। संभावना जताई जा रही है कि 20 से 25 अक्टूबर के मध्य प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संभावित केदारनाथ-बदरीनाथ दौरे के दौरान इसका विधिवत लोकार्पण किया जा सकता है, हालांकि आधिकारिक कार्यक्रम की अंतिम घोषणा होना अभी बाकी है।
900 मीटर लंबी सुरंग और 190 मीटर लंबा मोटर पुल तैयार
परियोजना के दूसरे चरण के तहत लगभग 900 मीटर लंबी आधुनिक सुरंग और अलकनंदा नदी पर 190 मीटर लंबे मोटर पुल का निर्माण किया गया है। सुरंग के भीतर पक्की सड़क के साथ ही उच्चस्तरीय वेंटिलेशन सिस्टम, पर्याप्त विद्युत व्यवस्था, अग्निशमन और अन्य जरूरी सुरक्षा उपकरण स्थापित किए जा चुके हैं। जिलाधिकारी विशाल मिश्रा द्वारा समय-समय पर किए गए स्थलीय निरीक्षण और प्रशासनिक सख्ती के चलते अंतिम चरण के कार्यों में तेजी लाई गई और 31 अगस्त की तय समयसीमा के भीतर निर्माण पूरा कर लिया गया।
चारधाम यात्रियों और स्थानीय जनता को जाम से मुक्ति
वर्तमान में केदारनाथ और बदरीनाथ धाम जाने वाले तीर्थयात्रियों के सभी वाहन रुद्रप्रयाग शहर के मुख्य बाजार से होकर गुजरते हैं। यात्रा सीजन के दौरान अत्यधिक दबाव के कारण शहर में घंटों भीषण जाम की स्थिति बनी रहती है। बाईपास शुरू होते ही दोनों धामों के लिए जाने वाला भारी और बाहरी यातायात शहर के बाहर से ही निकल जाएगा। इससे देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के यात्रा समय में बचत होगी और स्थानीय नागरिकों को भी रोजमर्रा के जाम से स्थायी निजात मिलेगी।
🟢 दो दशक का लंबा इंतजार, 156 करोड़ रुपये से धरातल पर उतरी योजना
भौगोलिक चुनौतियों और यातायात के बढ़ते दबाव को देखते हुए केंद्र सरकार ने वर्ष 2003-04 में इस बाईपास को स्वीकृति दी थी। प्रथम चरण के बाद वित्तीय बजट के अभाव में दूसरा चरण लंबे समय तक अधर में लटका रहा। वर्ष 2021 में पुनः हरी झंडी मिलने के बाद दिसंबर 2022 में करीब 156 करोड़ रुपये की लागत से दूसरे चरण का निर्माण कार्य शुरू हुआ था। कई बार समयसीमा आगे बढ़ने के बाद अब यह महत्वाकांक्षी परियोजना पूरी तरह बनकर तैयार है।
”रुद्रप्रयाग बाईपास परियोजना का निर्माण कार्य और आवश्यक तकनीकी परीक्षण पूरे कर लिए गए हैं। उम्मीद है कि प्रधानमंत्री के संभावित दौरे के दौरान इसका उद्घाटन संपन्न होगा। इस बाईपास के चालू होने से चारधाम तीर्थयात्रियों के साथ-साथ स्थानीय जनता को आवागमन में बहुत बड़ा लाभ मिलेगा।”- ओमकार पाण्डेय, अधिशासी अभियंता, राष्ट्रीय राजमार्ग (NH)
