उत्तराखंड धर्मनगरी की 14 वर्षीय बेटी वृंदा वाणी के काव्य संकलन का मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया विमोचन,,,

देहरादून। राजधानी के थानो स्थित लेखक गांव में आयोजित पांच दिवसीय अंतरराष्ट्रीय महोत्सव के दौरान धर्मनगरी हरिद्वार की 14 वर्षीय बाल कवयित्री वृंदा वाणी के पांचवें काव्य संकलन ‘देवभूमि के काव्यपुष्प’ का विमोचन प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने वृंदा की साहित्यिक प्रतिभा की मुक्तकंठ से सराहना करते हुए उन्हें सम्मानित भी किया।
हरिद्वार के लक्सर रोड स्थित मारुति वाटिका (जगजीतपुर) की निवासी वृंदा वाणी कनखल के स्वामी हरिहरानंद पब्लिक स्कूल में कक्षा नौ की छात्रा हैं। उनकी माता प्रीति भी इसी विद्यालय में अध्यापिका हैं। मां से मिले मार्गदर्शन और प्रेरणा के बल पर वृंदा ने अल्पायु में ही लेखन की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। वह अब तक ‘मां की छाया’, ‘पिता: स्मृति में अनुपम स्पर्श’, ‘बचपन: स्मृतियों के स्वर’ तथा ‘अंतस से संवाद’ शीर्षक से चार काव्य संकलन लिख चुकी हैं। इसके अलावा वे सोन चिरैया, दादी, जल, ठिठुरती सर्द रात, छोटू, जौहर, कल्कि अवतार, जलियांवाला बाग जैसी गंभीर कविताओं के साथ-साथ घड़ी, गंगा, सिक्का, छाता, रेडियो और कलम जैसी दैनिक जीवन की वस्तुओं पर आत्मकथात्मक रचनाएं लिख चुकी हैं। वृंदा को क्षेत्रीय, राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय मंचों पर काव्य श्री सम्मान, साहित्य श्री सम्मान, नवोदित लेखक सम्मान, मातृभाषा रत्न मानद उपाधि तथा प्रतिभा सम्मान जैसे प्रतिष्ठित पुरस्कारों से नवाजा जा चुका है।
