उत्तराखंड मौसम अपडेट, पहाड़ों में बर्फबारी और मैदानों में ‘लू’ का डबल अटैक, 24 अप्रैल से फिर बदलेगा मौसम का मिजाज,,,,

देहरादून: उत्तराखंड के मौसम में इन दिनों विरोधाभासी स्थितियां देखने को मिल रही हैं। जहाँ एक ओर बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलने के अवसर पर आज प्रदेश भर में धूप खिली रही, वहीं मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी जारी की है कि 24 अप्रैल से एक नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) सक्रिय होने जा रहा है। इसके प्रभाव से पहाड़ों में बारिश और बर्फबारी होगी, जबकि मैदानी इलाके भीषण गर्मी की चपेट में रहेंगे।
🏔️ पर्वतीय क्षेत्रों का हाल: बारिश और बर्फबारी की वापसी
मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के अनुसार, हिमालयी क्षेत्रों में कम दबाव का क्षेत्र बनने के कारण अगले एक हफ्ते तक मौसम में भारी उतार-चढ़ाव रहेगा।
- प्रभावित जिले: उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़।
- 24 – 25 अप्रैल: इन जिलों में आंधी-तूफान के साथ बारिश की संभावना है। 4000 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी हो सकती है। कहीं-कहीं ओलावृष्टि (Hailstorm) की भी चेतावनी दी गई है।
- 26 – 28 अप्रैल: पर्वतीय जिलों में हल्की से मध्यम बारिश और गर्जना जारी रहने का अनुमान है।
☀️ मैदानी जिलों का हाल: तपेगा देहरादून और हरिद्वार
पहाड़ों में हो रही हलचल के उलट, मैदानी जिलों में गर्मी से कोई राहत मिलती नहीं दिख रही है। देहरादून, हरिद्वार और उधम सिंह नगर में सूरज के तेवर तल्ख बने हुए हैं।
- तापमान: मैदानी क्षेत्रों में पारा सामान्य से 3 से 4 डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज किया जा रहा है।
- चुनौती: चिलचिलाती धूप और गर्म हवाओं के कारण उमस में इजाफा होगा। अगले 4-5 दिनों तक अधिकतम तापमान में गिरावट के आसार नहीं हैं, बल्कि 1 से 2 डिग्री की वृद्धि ही हो सकती है।
जनजीवन और कृषि पर प्रभाव
मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि राज्य में एक साथ दो तरह के मौसम का होना चुनौतीपूर्ण है। जहाँ ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी से ठंड बढ़ रही है, वहीं मैदानों में लू (Heatwave) जैसे हालात बन रहे हैं। यह स्थिति कृषि फसलों के साथ-साथ आम जनजीवन के स्वास्थ्य पर भी विपरीत असर डाल सकती है। विभाग ने दोपहर के समय मैदानी इलाकों में अनावश्यक बाहर न निकलने की सलाह दी है।
बद्रीनाथ धाम और अन्य तीर्थस्थलों की यात्रा पर जा रहे श्रद्धालु अपने साथ गर्म कपड़े और बरसाती जरूर रखें, क्योंकि ऊंचे क्षेत्रों में तापमान में अचानक भारी गिरावट आने की संभावना है।
