हरिद्वार संपत्ति के लालच में अपनों ने ही दी थी रवि चौहान की सुपारी, रवि चौहान हत्याकांड का पुलिस ने किया सनसनीखेज खुलासा,,,,,

हरिद्वार। तीर्थनगरी की ज्वालापुर पुलिस ने सीतापुर निवासी रवि चौहान हत्याकांड की गुत्थी सुलझाते हुए दो शार्प शूटरों (सुपारी किलर) को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। पुलिस जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि हत्या की साजिश मृतक के परिजनों ने ही रची थी। संपत्ति हड़पने की नीयत से डेढ़ लाख रुपये की सुपारी देकर इस वारदात को अंजाम दिया गया।
गुमशुदगी से शुरू हुई थी जांच
17 अप्रैल को ज्वालापुर कोतवाली में रवि चौहान (45 वर्ष) की पत्नी ने उनके लापता होने की शिकायत दर्ज कराई थी। तलाश के दौरान 19 अप्रैल को रानीपुर झाल से रवि का शव बरामद हुआ। शव की संदिग्ध स्थिति को देखते हुए पुलिस ने इसे हत्या का मामला मानकर जांच शुरू की।
डिजिटल साक्ष्य और मुखबिर से मिली सफलता
कोतवाली प्रभारी निरीक्षक चंद्रभान सिंह के नेतृत्व में गठित टीम ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले। डिजिटल एविडेंस में दो युवक बाइक पर रवि चौहान को बीच में बैठाकर रानीपुर झाल की ओर ले जाते दिखे। मुखबिर तंत्र की मदद से पुलिस को पता चला कि इनमें से एक आरोपी ज्वालापुर का हिस्ट्रीशीटर नदीम है।
शराब पिलाकर गला घोंटा, नहर पटरी पर फेंका शव
हिरासत में लिए गए हिस्ट्रीशीटर नदीम और उसके साथी दानिश अली ने पूछताछ में अपना जुर्म कबूल कर लिया। आरोपियों ने बताया कि:
- सीतापुर निवासी चाचा-भतीजे ने रवि की हत्या के लिए 1.5 लाख रुपये की सुपारी दी थी।
- वारदात के दिन आरोपियों ने पहले रवि को शराब पिलाई, फिर मारपीट कर उसका गला घोंट दिया।
- मरा हुआ समझकर उसे रानीपुर झाल की नहर पटरी पर फेंक कर फरार हो गए।
हत्या की वजह: करोड़ों की जमीन और लालच
पुलिस जांच के अनुसार, मृतक रवि चौहान को उसके भाई ने कुछ जमीन उपहार में दी थी। इस बात से भाई का दामाद और भतीजा नाराज थे। विवाद सुलझाने के लिए रवि ने एक प्लॉट दामाद के नाम भी किया था, लेकिन लालच के कारण परिजनों ने उसकी हत्या की योजना बना डाली।
बरामदगी और फरार आरोपियों की तलाश
पुलिस ने आरोपियों के पास से वारदात में प्रयुक्त हीरो स्प्लेंडर मोटरसाइकिल और सुपारी की रकम में से 61,000 रुपये नकद बरामद किए हैं।
गिरफ्तार आरोपी:
- नदीम (27 वर्ष): निवासी कस्साबान, ज्वालापुर (हिस्ट्रीशीटर)।
- दानिश अली (23 वर्ष): निवासी कस्साबान, ज्वालापुर।
वर्तमान में हत्या की सुपारी देने वाले मुख्य आरोपी (चाचा-भतीजे) फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। इस सफल खुलासे में ज्वालापुर पुलिस और सीआईयू (CIU) टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
