उत्तराखंड चारधाम यात्रा से पूर्व युद्धस्तर पर सड़कों का कायाकल्प, हरिद्वार में ‘डे-नाइट’ शिफ्ट में चल रहा मरम्मत कार्य,,,,

हरिद्वार। 02 मई, 2026: आगामी चारधाम यात्रा के सुचारू संचालन और श्रद्धालुओं की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए हरिद्वार जिला प्रशासन ने शहर के बुनियादी ढांचे को दुरुस्त करने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के कड़े रुख के बाद, सीवरेज लाइन के लिए खोदी गई सड़कों के सुधारीकरण का कार्य अब दिन-रात (24/7) शिफ्टों में किया जा रहा है।
जिलाधिकारी की दो-टूक: ‘जनता और व्यापारियों को न हो परेशानी’
हाल ही में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने अधिकारियों और कार्यदायी संस्थाओं को सख्त निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों के कारण तीर्थयात्रियों, स्थानीय व्यापारियों और आम जनता को आवागमन में किसी भी प्रकार की बाधा नहीं आनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यात्रा सीजन के दौरान यातायात व्यवस्था को सुचारू रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है, जिसके लिए क्षतिग्रस्त सड़कों की तत्काल मरम्मत अनिवार्य है।

24 घंटे में 69.9 मीटर निर्माण कार्य पूरा
उत्तराखंड पेयजल निगम (निर्माण एवं अनुरक्षण इकाई, गंगा) की परियोजना प्रबंधक मीनाक्षी मित्तल ने कार्य की प्रगति पर विवरण साझा करते हुए बताया कि KfW वित्त पोषित ‘हरिद्वार जलोत्सारण योजना’ के तहत कार्यों में अभूतपूर्व तेजी आई है। पिछले 24 घंटों के भीतर प्रशासन ने कुल 69.9 मीटर सड़क निर्माण का लक्ष्य प्राप्त किया है।
निर्माण कार्यों का विस्तृत विवरण:
- पैकेज 01: शांति मार्ग पर 14.8 मीटर सीसी रोड और आहलुवालिया मार्ग पर 32.1 मीटर का कार्य पूर्ण हुआ (कुल 46.9 मीटर)।
- पैकेज 02: गणपति धाम फेज-3 (गली नंबर 01) में 15 मीटर सीसी रोड और द्वारका विहार में 08 मीटर टाइल रोड का कार्य संपन्न हुआ (कुल 23 मीटर)।


व्यापारियों और स्थानीय निवासियों ने जताई संतुष्टि
सीवरेज लाइन बिछाने के कारण लंबे समय से बदहाल सड़कों की त्वरित मरम्मत से स्थानीय निवासियों और व्यापार मंडल ने राहत की सांस ली है। व्यापारियों का मानना है कि यात्रा सीजन से पहले सड़कों की बेहतर स्थिति न केवल पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगी, बल्कि स्थानीय व्यवसाय को भी गति प्रदान करेगी।
प्रशासन का लक्ष्य चारधाम यात्रा के औपचारिक शुभारंभ से पहले शहर के सभी प्रमुख संपर्क मार्गों और भीतरी गलियों को पूरी तरह सुदृढ़ करना है।
