उत्तराखंड पिथौरागढ़: मई से शुरू होगी आदि कैलाश और ॐ पर्वत यात्रा, प्रशासन ने पूरी की तैयारियां,,,

पिथौरागढ़: उत्तराखंड के सीमांत क्षेत्र में स्थित पवित्र आदि कैलाश और ॐ पर्वत की बहुप्रतीक्षित यात्रा इस वर्ष 1 मई 2026 से शुरू होने जा रही है। मौसम अनुकूल रहने की स्थिति में प्रशासन ने यात्रा संचालन के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं और यात्रियों के स्वागत की व्यवस्था को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
प्रशासन के अनुसार, यात्रा के लिए आवश्यक इनर लाइन परमिट (ILP) भी 1 मई से जारी किए जाएंगे। श्रद्धालु यह परमिट धारचूला तहसील से ऑफलाइन या ऑनलाइन माध्यम से प्राप्त कर सकेंगे। पिछले वर्षों के अनुभवों को ध्यान में रखते हुए इस बार परमिट प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सुव्यवस्थित बनाने पर जोर दिया गया है।
यात्रा की तैयारियों की समीक्षा बैठक में एसडीएम आशीष जोशी ने संबंधित विभागों को मार्ग सुधार के सख्त निर्देश दिए हैं। विशेष रूप से मांगती नाला, एलागाड़, कूलागाड़, नजंग और प्यलसीती जैसे संवेदनशील स्थानों पर मरम्मत कार्य तेज करने को कहा गया है, ताकि यात्रियों को सुरक्षित और सुगम आवागमन मिल सके।
ग्राम गुंजी में पेयजल समस्या को देखते हुए प्रशासन ने सड़क निर्माण कंपनी को प्रतिदिन टैंकर से पानी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा पेयजल निगम और बीआरओ को भी यात्रा के दौरान सड़क और जल आपूर्ति सुचारु बनाए रखने के लिए निर्देशित किया गया है।
स्थानीय निवासियों को राहत देते हुए प्रशासन ने टैक्सी यूनियन और ग्रामीणों की मांग पर सहमति दी है कि धारचूला तहसील के निवासी आधार कार्ड के आधार पर यात्रा कर सकेंगे। इससे स्थानीय लोगों को आवागमन में सुविधा मिलेगी।
वहीं, पिछले वर्ष सामने आए फर्जी परमिट मामलों को देखते हुए प्रशासन ने इस बार सख्ती बरतने के संकेत दिए हैं। CSC सेंटर ऑपरेटरों को चेतावनी दी गई है कि किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
यात्रा मार्ग पर खच्चर संचालकों के लिए भी विशेष दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। पशुपालन विभाग को खच्चरों के पंजीकरण, टैगिंग और बीमा के लिए शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
कैसे पहुंचे आदि कैलाश: आदि कैलाश पहुंचने के लिए यात्री रेल मार्ग से काठगोदाम तक, हवाई मार्ग से पंतनगर या नैनी सैनी एयरपोर्ट तक पहुंच सकते हैं। इसके बाद सड़क मार्ग से हल्द्वानी/काठगोदाम – पिथौरागढ़ – धारचूला – गुंजी – कुटी होते हुए आदि कैलाश तक पहुंचा जा सकता है।
यात्रियों के लिए जरूरी सलाह: मई-जून का समय यात्रा के लिए सबसे उपयुक्त माना जाता है, जबकि मानसून और सर्दियों में मार्ग कठिन हो जाता है। ऊंचाई वाले क्षेत्र में स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखना आवश्यक है, क्योंकि यहां ऑक्सीजन का स्तर कम होता है। साथ ही नेटवर्क की सीमित उपलब्धता और ॐ पर्वत क्षेत्र में अचानक बदलते मौसम को ध्यान में रखते हुए पूरी तैयारी के साथ यात्रा करने की सलाह दी गई है।
अंत में प्रशासन ने सभी यात्रियों, होमस्टे संचालकों और टूर ऑपरेटरों से साफ-सफाई, सुरक्षा और बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित करने की अपील की है, ताकि यह पवित्र यात्रा सुरक्षित, सुगम और यादगार बन सके।
