उत्तराखंड टनल हादसों पर प्रदेश सरकार सख्त श्रमिकों की सुरक्षा सर्वोपरि, मृतक आश्रितों को तुरंत मुआवजा और शव ससम्मान घर भेजने के निर्देश- पुष्कर सिंह धामी

देहरादून। उत्तराखंड पुष्कर सिंह धामी ने सिलक्यारा टनल में बुधवार देर रात शॉटक्रीट (कंक्रीट की परत) का एक हिस्सा गिरने से हुए हादसे पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि राज्य सरकार श्रमिकों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह संवेदनशील है और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद शासन स्तर पर भी हलचल तेज हो गई है। सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास, विनोद कुमार सुमन ने एनएचआईडीसीएल (NHIDCL) और जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ एक आपातकालीन विस्तृत समीक्षा बैठक की। मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार, सचिव ने अधिकारियों को आदेश दिए हैं कि मृतक के परिजनों को नियमानुसार तत्काल उचित मुआवजा राशि उपलब्ध कराई जाए। साथ ही, मृतक के पार्थिव शरीर को पूरे सम्मान के साथ उनके गृह जनपद तक पहुंचाने की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
🟢 सुरक्षा मानकों का होगा पुनर्मूल्यांकन, SOP में बदलाव तय
आपदा प्रबंधन सचिव ने बैठक के दौरान हादसे के कारणों की गहन पड़ताल की। उन्होंने टनल के भीतर लागू सुरक्षा उपायों और वर्तमान स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) की समीक्षा की। श्री सुमन ने निर्देश दिए कि:
- तकनीकी जांच: टनल हादसे के प्रत्येक पहलू की गंभीरता से जांच की जाए और सभी सुरक्षा मानकों का नए सिरे से पुनर्मूल्यांकन हो।
- SOP में संशोधन: वर्तमान परिस्थितियों और संभावित खतरों को देखते हुए एसओपी (SOP) में आवश्यक संशोधन किए जाएं, ताकि आपात स्थिति में एजेंसियां त्वरित और समन्वित कार्रवाई कर सकें। यह नई एसओपी व्यावहारिक और सभी कार्यदायी संस्थाओं के लिए स्पष्ट होगी।
- विशेष निरीक्षण: टनल के भीतर उन सभी हिस्सों और संरचनाओं का विशेष रूप से निरीक्षण किया जाए, जिनके गिरने या क्षतिग्रस्त होने की जरा भी आशंका हो। जोखिम वाले क्षेत्रों की पहचान कर तुरंत सुरक्षात्मक कदम उठाए जाएं।
🟢 बैठक में उच्चाधिकारी रहे मौजूद
इस उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में जिला प्रशासन, एसडीआरएफ (SDRF), एनडीआरएफ (NDRF), अग्निशमन सेवा और आपदा प्रबंधन विभाग के बीच बेहतर समन्वय बनाने पर जोर दिया गया। बैठक में अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी (प्रशासन) प्रकाश चंद्र, जिलाधिकारी उत्तरकाशी प्रशांत आर्य, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी (क्रियान्वयन) एवं डीआईजी राजकुमार नेगी, संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी दिनेश कुमार पुनेठा सहित एनएचआईडीसीएल और संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
