उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने PMGSY टेंडर अवमानना मामले में मुख्य अभियंता संजय कुमार पाठक को किया दोषी करार, अब सेवा अभिलेख में दर्ज होगी प्रविष्टि,,,

नैनीताल: उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय ने प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना (PMGSY) से जुड़े एक टेंडर अवमानना मामले में कड़ा रुख अपनाते ہوئے मुख्य अभियंता संजय कुमार पाठक को न्यायालय के आदेशों का जानबूझकर उल्लंघन करने का अपराधी माना है। न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की एकलपीठ ने मामले की सुनवाई के बाद यह फैसला सुनाया है।
🔴 क्या है पूरा मामला?
मामले के अनुसार, पीएमजीएसवाई के अंतर्गत एक टेंडर प्रक्रिया में मैसर्स जियारा पार्टनरशिप फर्म ने हिस्सा लिया था। फर्म की तकनीकी बोली (Technical Bid) अस्वीकार किए जाने के खिलाफ याचिकाकर्ता ने उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था। शुरुआती चरण में न्यायालय ने टेंडर प्रक्रिया पर रोक लगाते हुए स्थगन आदेश (Stay) पारित किया था।
इसके बाद, फरवरी 2026 में न्यायालय ने याचिका को स्वीकार करते हुए याची को सही ठहराया और उसे टेंडर प्रक्रिया में शामिल करने के निर्देश दिए। हालांकि, विभाग द्वारा आदेश का पालन न किए जाने और टेंडर न खोले जाने पर याची ने अवमानना याचिका दायर की। याची का यह भी आरोप था कि सबसे कम बोली (Lowest Bid) होने के बावजूद विभाग टेंडर किसी अन्य को देना चाहता है।
🔴 न्यायालय के कड़े निर्देश और अनुपालन
मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्च न्यायालय ने मुख्य अभियंता के खिलाफ आरोप तय (Charges Frame) किए थे और उन्हें आदेशों का पालन करने के लिए 10 दिन का समय दिया था। साथ ही चेतावनी दी गई थी कि अनुपालन न होने की स्थिति में अगली सुनवाई पर सजा सुनाई जाएगी।
न्यायालय ने इस मामले की विस्तृत सुनवाई के बाद गत 31 जुलाई को अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था। न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की एकलपीठ ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि मुख्य अभियंता संजय कुमार पाठक न्यायालय की आज्ञा का जानबूझकर उल्लंघन करने के दोषी हैं।
हालांकि, बाद में न्यायालय में आदेश के अनुपालन से संबंधित रिपोर्ट प्रस्तुत किए जाने के बाद, अदालत ने अवमानना याचिका का निस्तारित करते हुए नोटिस को निरस्त कर दिया। इसके साथ ही, न्यायालय ने आदेश की एक प्रति मुख्य सचिव को भेजने के निर्देश दिए हैं, ताकि इस प्रविष्टि को मुख्य अभियंता के सेवा अभिलेख (Service Record) में दर्ज किया जा सके।
