उत्तराखंड हरिद्वार जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने किया रंगीन मत्स्य क्लस्टर का निरीक्षण, किसानों की आय दोगुनी करने पर जोर,,,

हरिद्वार। जनपद में मत्स्य पालन को स्वरोजगार का सशक्त माध्यम बनाने और किसानों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने ग्राम पंचायत भगतनपुर आबिदपुर स्थित ‘चंद्रभागी मत्स्य सेवा केंद्र’ का स्थलीय निरीक्षण किया। यहाँ मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत विकसित किए गए रंगीन मत्स्य (Ornamental Fish) पालन क्लस्टर का जायजा लेते हुए उन्होंने किसानों के प्रयासों की सराहना की।
प्रदेश के मात्र दो जिलों में हो रहा है रंगीन मत्स्य पालन
निरीक्षण के दौरान यह महत्वपूर्ण तथ्य सामने आया कि उत्तराखंड के केवल दो जनपदों— हरिद्वार एवं उधमसिंहनगर में ही व्यावसायिक स्तर पर रंगीन मछलियों का पालन किया जा रहा है। जिलाधिकारी ने बताया कि हरिद्वार का यह पहला मत्स्य क्लस्टर है, जहाँ आधुनिक तकनीकों के माध्यम से मत्स्य पालन को बढ़ावा दिया जा रहा है।
निरीक्षण की मुख्य बातें और भविष्य की योजनाएं
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- आय में वृद्धि: जिलाधिकारी ने कहा कि मीडियम स्केल और बैकयार्ड ऑर्नामेंटल रियरिंग यूनिट्स के माध्यम से किसानों को आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। इससे न केवल पालकों की आय बढ़ेगी, बल्कि स्थानीय दुकानदारों और छोटे व्यवसायियों के लिए भी रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
- वित्तीय सहायता का आश्वासन: प्रगतिशील किसानों से संवाद करते हुए जिलाधिकारी ने आश्वस्त किया कि मत्स्य पालन को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए किसानों की जो भी मांगें होंगी, उन्हें जिला योजना के माध्यम से धनराशि उपलब्ध कराकर पूरा किया जाएगा।
- आत्मनिर्भरता का लक्ष्य: मुख्यमंत्री के कुशल निर्देशन में संचालित इस योजना का मुख्य उद्देश्य मत्स्य पालन के क्षेत्र में किसानों की आमदनी दोगुनी करना है।
”यह क्लस्टर क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा। किसानों की कड़ी मेहनत और प्रशासन का सहयोग मिलकर जनपद को मत्स्य पालन के क्षेत्र में अग्रणी बनाएगा।”- मयूर दीक्षित, जिलाधिकारी, हरिद्वार
क्लस्टर की संरचना और मछलियों की प्रजातियां
सहायक निदेशक मत्स्य गरिमा मिश्रा ने विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि:
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- सहभागिता: इस क्लस्टर में कुल 08 किसान शामिल हैं, जिनमें 04 महिलाएं और 04 पुरुष किसान हैं, जो महिला सशक्तिकरण की दिशा में भी एक बड़ा कदम है।
- प्रमुख प्रजातियां: यहाँ मुख्य रूप से चार प्रजातियों की मछलियों का पालन किया जा रहा है:
- गोल्डन फिश (Goldfish)
- ब्लैक शार्क (Black Shark)
- कोई कार्प (Koi Carp)
- कबुतो कोई (Kabuto Koi)
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यह अधिकारी रहे मौजूद
निरीक्षण के दौरान श्रीमती काजल टोलियां, पंकज कुमार, संदीप सिंह पंचवाल, प्रकाश सिंह पंचवाल, सीनियर इंस्पेक्टर मत्स्य जयप्रकाश, रेनू वेरिया समेत प्रगतिशील किसान शशि भूषण, पवन कुमार, बृजेश कुमार और प्रमोद कुमार आदि उपस्थित रहे।
