“BJP” मोदी कैबिनेट में बड़े फेरबदल की आहट, धर्मेंद्र प्रधान और निर्मला सीतारमण समेत कई दिग्गजों के बदल सकते हैं विभाग, संगठन में भी बदलाव शुरू,,,

नई दिल्ली। देश की सियासत में इस वक्त सबसे बड़ी हलचल केंद्रीय मंत्रिमंडल और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांगठनिक ढांचे को लेकर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाले केंद्रीय कैबिनेट में जल्द ही बड़े फेरबदल देखने को मिल सकते हैं। हालांकि, आधिकारिक तौर पर अभी किसी तारीख या नामों का ऐलान नहीं हुआ है, लेकिन सियासी गलियारों में अटकलें तेज हैं कि कई बड़े मंत्रियों की छुट्टी हो सकती है या उनके विभागों में बड़ा बदलाव किया जा सकता है।
इस सुगबुगाहट को तब और बल मिला जब हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से अलग-अलग मुलाकात की।
🟢 कैबिनेट फेरबदल- इन बड़े चेहरों पर टिकी हैं नजरें

सूत्रों और मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, आगामी फेरबदल में कई चौंकाने वाले नाम सामने आ सकते हैं:
- धर्मेंद्र प्रधान: पेपर लीक मामले को लेकर विपक्ष के निशाने पर चल रहे शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की कैबिनेट से छुट्टी हो सकती है या उनका विभाग बदला जा सकता है।
- हरदीप सिंह पुरी: पंजाब या सिख समुदाय से किसी अन्य चेहरे को मौका देने के लिए हरदीप पुरी की जिम्मेदारी में बदलाव की संभावना है।
- दिग्गज मंत्रियों के विभाग: निर्मला सीतारमण, नितिन गडकरी और मनोहर लाल खट्टर जैसे बड़े नेताओं के मंत्रालयों को भी री-शफल (बदला) किया जा सकता है।
🟢 मंत्रिमंडल में शामिल हो सकते हैं ये नए चेहरे
आगामी चुनावों और क्षेत्रीय समीकरणों को साधने के लिए नए चेहरों को कैबिनेट में जगह मिल सकती है:
- श्रीकांत शिंदे: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बेटे और लोकसभा सांसद श्रीकांत शिंदे को केंद्र में बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है।
- राघव चड्ढा: आम आदमी पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल हुए राघव चड्ढा को भी मंत्रिमंडल में शामिल करने की अटकलें तेज हैं, हालांकि उन्होंने अभी इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
- नीतीश कुमार और सुखेंदु शेखर रे: बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और टीएमसी छोड़कर भाजपा का दामन थामने वाले सुखेंदु शेखर रे को भी बड़ी भूमिका मिलने की उम्मीद है।
🟢 जॉर्ज कुरियन का इस्तीफा, इन मंत्रियों पर टिकी निगाहें
इसी बीच, केरल के वरिष्ठ भाजपा नेता जॉर्ज कुरियन ने राज्यसभा का कार्यकाल समाप्त होने के बाद केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया है। वे अल्पसंख्यक मामलों और मत्स्य पालन, पशुपालन व डेयरी मंत्रालय में राज्य मंत्री थे, जिसे राष्ट्रपति मुर्मू ने स्वीकार कर लिया है। वहीं दूसरी ओर, रवनीत सिंह बिट्टू राज्यसभा कार्यकाल खत्म होने के बाद भी पद पर बने हुए हैं, जबकि पंकज चौधरी और हर्ष मल्होत्रा प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त होने के बावजूद केंद्र में मंत्री पद संभाल रहे हैं।
🟢 मिशन-2027- यूपी भाजपा संगठन में बड़ा बदलाव, 60% नए चेहरों को मौका
एक तरफ जहाँ केंद्र में फेरबदल की तैयारी है, वहीं दूसरी तरफ भाजपा ने राज्यों के संगठन में बदलाव शुरू कर दिए हैं। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को ध्यान में रखते हुए प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी की नई टीम का ऐलान कर दिया गया है:
- संगठन का विस्तार: प्रदेश उपाध्यक्ष, प्रदेश महामंत्री और प्रदेश मंत्री के कुल छह पद बढ़ाए गए हैं।
- युवा और नए चेहरों को तरजीह: नई टीम में 60 फीसदी नए चेहरों को शामिल किया गया है, जबकि दो दर्जन से अधिक मौजूदा पदाधिकारियों की छुट्टी कर दी गई है।
- सामाजिक समीकरण: आगामी टीम में आधी आबादी (महिलाओं) की भागीदारी बढ़ाने के साथ-साथ सबसे बड़ी हिस्सेदारी ओबीसी (OBC) वर्ग को दी गई है।
यूपी की तर्ज पर ही आने वाले दिनों में देश के अन्य राज्यों में भी भाजपा संगठन स्तर पर बड़े बदलाव कर सकती है।
