NEET पेपर लीक मामला एक्शन में केंद्र सरकार, NTA के 47 अधिकारी बर्खास्त, 16 युवा पेशेवरों की भर्ती का विज्ञापन जारी,,,,

नई दिल्ली। नीट (NEET) पेपर लीक मामले को लेकर केंद्र सरकार ने बड़ा और कड़ा कदम उठाया है। शुक्रवार को नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) में कार्यरत 47 अधिकारियों को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया। इसके साथ ही, एजेंसी की तात्कालिक जरूरतों को पूरा करने के लिए महाप्रबंधक स्तर के 16 युवा पेशेवरों (यंग प्रोफेशनल्स) की भर्ती के लिए विज्ञापन भी जारी कर दिया गया है।
सरकार ने संकेत दिए हैं कि अगले एक महीने के भीतर NTA के ढांचे और कार्यप्रणाली में सुधार के लिए और भी बड़े फैसले लिए जा सकते हैं। इससे पहले गुरुवार को भी सरकार ने कड़ी कार्रवाई करते हुए शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग के सचिव विनीत जोशी को पद से हटा दिया था।
🔴 संदिग्ध भूमिका के चलते संविदा अधिकारियों पर गिरी गाज
शिक्षा मंत्रालय के उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार, बर्खास्त किए गए 47 अधिकारियों में से अधिकांश संविदा (कांट्रैक्ट) पर तैनात थे। जांच के दौरान पेपर लीक मामले में इनकी भूमिका संदिग्ध पाई गई, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई। सूत्रों का कहना है कि इनमें से कुछ आरोपियों के खिलाफ जल्द ही आपराधिक मामले भी दर्ज कराए जा सकते हैं।
NTA में 16 युवा पेशेवरों की यह नई भर्ती संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) के माध्यम से की जाएगी। उच्च स्तरीय पदों पर इन युवा पेशेवरों को शामिल करने का फैसला पूर्व इसरो प्रमुख डॉ. के. राधाकृष्णन की अध्यक्षता में गठित समिति के सुझावों के आधार पर लिया गया है।
🟢 कैबिनेट में NTA सुधारों पर प्रस्तुति- 25 प्रमुख पहलों पर होगा काम
शुक्रवार को प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में NTA के पुनर्गठन और सुधारों को लेकर एक विस्तृत प्रस्तुति दी गई।
सूत्रों के मुताबिक, सुधार से जुड़ी करीब 25 प्रमुख पहलों को चिह्नित किया गया है, जिन पर एक महीने के भीतर काम शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। इनमें शामिल मुख्य कदम हैं:
- NTA में अधिकारियों एवं कर्मचारियों की स्थायी नियुक्तियाँ करना।
- देश भर में समर्पित (डेडीकेटेड) परीक्षा केंद्रों का निर्माण।
- कंप्यूटर आधारित परीक्षाओं के लिए NTA का अपना समर्पित सॉफ्टवेयर और डेटा सेंटर तैयार करना।
- अत्याधुनिक उपकरणों की व्यवस्था करना।
उल्लेखनीय है कि देश भर में NEET पेपर लीक को लेकर छात्रों और परीक्षार्थियों के जारी विरोध प्रदर्शन के बीच सरकार ने अपनी कार्रवाई और सुधार की प्रक्रिया को तेज़ कर दिया है।
🔴 स्थायी कर्मचारियों का संकट, केवल 24 पद ही भरे
देश की इतनी बड़ी और संवेदनशील परीक्षाओं का आयोजन करने वाले NTA में जनशक्ति (मैनपावर) का भारी अभाव है। एजेंसी में अधिकारियों और कर्मचारियों के कुल 39 स्थायी स्वीकृत पद हैं, जिनमें से 15 पद वर्तमान में खाली हैं।
भरे हुए 24 पदों पर तैनात कर्मचारी भी प्रतिनियुक्ति (डेपुटेशन) पर आए हुए हैं, यानी NTA के पास अपना कोई कैडर नहीं है। इस कार्रवाई से पहले तक एजेंसी का काम लगभग 73 संविदा अधिकारियों/सलाहकारों और 124 संविदा कर्मचारियों व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के भरोसे चल रहा था।
