हरिद्वार के लक्सर में नाबालिग को बहला-फुसलाकर पत्नी की तरह रखकर कई बार दुष्कर्म करने वाले आरोपी अंशुल की जमानत याचिका अदालत ने की खारिज,,,,

रोशनाबाद। नाबालिग किशोरी को बहला-फुसलाकर भगा ले जाने और उसके साथ दुष्कर्म करने के मामले में जेल में बंद आरोपी की जमानत याचिका न्यायालय ने खारिज कर दी है। यह फैसला एफटीसी/अपर सत्र न्यायाधीश चंद्रमणि राय की अदालत ने सुनाया।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, घटना अप्रैल 2020 की है, जब लक्सर कोतवाली क्षेत्र निवासी एक नाबालिग किशोरी संदिग्ध रूप से घर से लापता हो गई थी। परिजनों की काफी खोजबीन के बाद भी उसका कोई पता नहीं चला, जिसके बाद पुलिस में गुमशुदगी दर्ज कराई गई। बाद में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए किशोरी को सकुशल बरामद कर लिया।
किशोरी ने अपने बयान में बताया कि आरोपी अंशुल (निवासी आदर्श कॉलोनी, नई मंडी, मुजफ्फरनगर) ने उसे शादी का झांसा देकर बहला-फुसलाकर लक्सर बुलाया था। इसके बाद वह उसे अपने गांव ले गया और शादी का झांसा देकर एक किराए के मकान में पत्नी की तरह रखकर उसके साथ लगातार दुष्कर्म किया।
पुलिस ने विवेचना पूरी करने के उपरांत आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में आरोप पत्र अदालत में पेश किया था। आरोपी की ओर से अदालत में जमानत याचिका दाखिल की गई थी। न्यायालय ने अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलें सुनने तथा अपराध की गंभीरता को देखते हुए आरोपी अंशुल की जमानत अर्जी खारिज कर दी।
