उत्तराखंड पिथौरागढ़ में हुई आफत की बरसात, तवाघाट हाईवे ठप, दारमा घाटी के 13 गांव अलग-थलग, मानसरोवर यात्रियों को मिली राहत,,,

पिथौरागढ़: सीमांत जनपद पिथौरागढ़ में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। बारिश के कारण चीन सीमा को जोड़ने वाले प्रमुख मार्गों पर लगातार भूस्खलन हो रहा है, जिससे कई घंटे तक आवाजाही बाधित रही।
🔴 तवाघाट हाईवे पर दरका पहाड़, दारमा मार्ग दूसरे दिन भी बंद
अपराह्न लगभग दो बजे तवाघाट के समीप एक विशाल चट्टान टूटने से चीन सीमा को जोड़ने वाला टनकपुर-तवाघाट राष्ट्रीय राजमार्ग मलबे से पूरी तरह पट गया। इस कारण व्यास घाटी और चीन सीमा का संपर्क कई घंटों तक कटा रहा।
सीमा सड़क संगठन (BRO) की मशक्कत के बाद देर शाम तक व्यास घाटी मार्ग को तो बहाल कर दिया गया, लेकिन सोबला-तिदांग और तवाघाट-लिपुलेख मार्ग पर दारमा घाटी का संपर्क दूसरे दिन भी कटा रहा। दारमा मार्ग पर पंपाबे मंदिर के पास भारी मलबा आने और उससे एक किलोमीटर आगे विशाल चट्टान दरकने से उच्च हिमालयी क्षेत्र के 13 गांवों का संपर्क पूरी तरह कट गया है।
🔴 मानसरोवर यात्रा दल रवाना, 17 ग्रामीण सड़कें अभी भी ठप
बीआरओ ने शाम करीब 4:30 बजे कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग को सुचारू कर दिया। मार्ग खुलते ही:
- पांचवां कैलाश मानसरोवर यात्रा दल गुंजी के लिए रवाना हुआ।
- दूसरा यात्रा दल सुरक्षित वापस धारचूला लौट आया।
जिला प्रशासन के अनुसार, सुबह बंद हुए 22 मोटर मार्गों में से 5 को खोल दिया गया है, जबकि 17 मोटर मार्ग अभी भी बंद हैं। करीब डेढ़ दर्जन ग्रामीण मार्गों के ठप होने से 1 लाख से अधिक की ग्रामीण आबादी प्रभावित हुई है।
🔴 तहसीलवार बारिश के आंकड़े (मिमी में)
|
तहसील |
दर्ज बारिश (मिमी) |
|---|---|
|
थल |
73.0 |
|
कनालीछीना |
70.4 |
|
देवलथल |
65.0 |
|
डीडीहाट |
42.2 |
|
पिथौरागढ़ |
40.5 |
|
गणई गंगोली |
40.0 |
🔴 प्रशासनिक सतर्कता
भूस्खलन संवेदनशील क्षेत्रों में जेसीबी मशीनें तैनात की गई हैं और प्रभावित इलाकों में प्रशासनिक टीमें स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
