दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे विवाद, ₹12,000 करोड़ के प्रोजेक्ट की जांच के लिए SIT गठित, तकनीकी ऑडिट के साथ ठेकेदार ब्लैकलिस्टेड,,,,

नई दिल्ली/मुजफ्फरनगर: ₹12,000 करोड़ की भारी-भरकम लागत से तैयार हुए दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे की गुणवत्ता पर मानसून की पहली ही बारिश में गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मुजफ्फरनगर और बागपत के समीप सड़क धंसने, गहरे गड्ढे होने और सुरक्षा रेलिंग टूटने की घटनाओं के बाद भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने मामले पर कड़ा रुख अपनाया है। एक्सप्रेसवे की गुणवत्ता की विस्तृत जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन कर दिया गया है।
🔴 पहली ही बारिश में खुली पोल, वीडियो वायरल होने पर हड़कंप
बीती 14 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उद्घाटित और केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी द्वारा निरीक्षण किए गए इस एक्सप्रेसवे पर वर्तमान में रोजाना 25 से 30 हजार वाहन रफ्तार भर रहे हैं। हालांकि, हालिया मानसूनी बारिश के कारण मुजफ्फरनगर सीमा में सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे दिखाई दिए। इसके अतिरिक्त, गांगनौली समेत कई स्थानों पर एक्सप्रेसवे के किनारे बनाए गए मिट्टी के पुश्तों (पुस्तों) में गहरा कटान हो गया, जिससे सुरक्षा रेलिंग धंस गई और बड़े हादसों का खतरा पैदा हो गया। सोशल मीडिया पर इन दृश्यों के वीडियो वायरल होने के बाद NHAI मुख्यालय में हड़कंप मच गया।
🔴 दोषियों पर कड़ा एक्शन: फर्में ब्लैकलिस्टेड
लापरवाही के खिलाफ NHAI ने आनन-फानन में बड़ी कार्रवाई की है। एक्सप्रेसवे का निर्माण करने वाली मुख्य कंपनी समेत कई पक्षों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है, साथ ही कई उप-ठेकेदारों (सब-कॉन्ट्रैक्टर्स) की फर्मों को तत्काल प्रभाव से ब्लैकलिस्ट (काली सूची में शामिल) कर दिया गया है।
🟢 23 संवेदनशील स्थानों पर रात में होगा ‘तकनीकी ऑडिट’
NHAI के प्रोजेक्ट डायरेक्टर नरेंद्र सिंह ने बताया कि नवगठित SIT एक्सप्रेसवे का विस्तृत तकनीकी ऑडिट करेगी।
- यह ऑडिट कुल 23 चिन्हित स्थानों पर किया जाएगा।
- सड़क की विभिन्न परतों की संरचना और निर्माण सामग्री की जांच के लिए ‘क्रस्ट कटिंग’, ‘कोर कटिंग’ और लाइन टेस्टिंग की जाएगी।
- प्रत्येक चिन्हित स्थान से 2 से 3 सैंपल लिए जाएंगे।
- एक्सप्रेसवे पर यातायात सुचारू रखने के लिए यह जांच कार्य रात के समय किया जाएगा, जिसके लिए अधिकतम 6 घंटे का रूट डायवर्जन लागू रहेगा।
🟢 बहु-स्तरीय विशेषज्ञों की निगरानी, ठेकेदारों के जोखिम पर होगा सुधार
इस SIT टीम में पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए एक स्वतंत्र तकनीकी ऑडिट एजेंसी, NHAI के इंजीनियर, स्वतंत्र विशेषज्ञ के रूप में एक सेवानिवृत्त मुख्य अभियंता और प्राधिकरण अभियंता के एक प्रतिनिधि को शामिल किया गया है।
प्रोजेक्ट डायरेक्टर ने साफ चेतावनी दी है कि यदि तकनीकी ऑडिट की रिपोर्ट में निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की कमी या गुणवत्ता से समझौता पाया जाता है, तो पूरी सड़क का सुधार कार्य संबंधित ठेकेदार की लागत और जोखिम (Cost & Risk) पर ही तुरंत कराया जाएगा।
