“देश – दुनिया” प्री-मानसून की दस्तक, देशभर में तीन दिन भारी बारिश और तेज़ हवाओं का अलर्ट,,,,

देहरादून। देश में प्री-मानसून सीजन ने सक्रिय रूप से दस्तक दे दी है, जिसके चलते मौसम में तेजी से बदलाव देखने को मिल रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 19, 20 और 21 अप्रैल के लिए देश के कई हिस्सों में भारी बारिश, तेज़ हवाओं और आंधी-तूफान का अलर्ट जारी किया है। मौसम में इस बदलाव से जहां लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिल रही है, वहीं कुछ क्षेत्रों में बिजली गिरने और तेज़ हवाओं से सतर्क रहने की भी जरूरत है।
उत्तरपश्चिम भारत में तेज़ असर
उत्तरपश्चिम भारत में प्री-मानसून गतिविधियां तेज़ होंगी। उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम और कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज़ हवाएं चल सकती हैं। साथ ही धूल भरी आंधी और गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की भी चेतावनी दी गई है।
दक्षिण भारत में जमकर बरसेंगे बादल
दक्षिण भारत के राज्यों—केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और केंद्र शासित प्रदेशों में भी प्री-मानसून का व्यापक असर देखने को मिलेगा। मौसम विभाग के अनुसार, इन क्षेत्रों में कई जगहों पर तेज़ बारिश हो सकती है। 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने, गरज-चमक के साथ बारिश और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की संभावना भी जताई गई है।
पूर्वी और मध्य भारत में बदलेगा मौसम मिज़ाज
पश्चिम बंगाल, सिक्किम, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और विदर्भ क्षेत्र में भी अगले तीन दिनों के दौरान मौसम में बड़ा बदलाव आएगा। इन क्षेत्रों में कहीं-कहीं भारी बारिश तो कहीं हल्की वर्षा की संभावना है। साथ ही 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और आंधी-तूफान का खतरा बना रहेगा।
पश्चिम भारत में भी अलर्ट जारी
महाराष्ट्र और मराठवाड़ा क्षेत्र में भी 19 से 21 अप्रैल के बीच मौसम करवट लेगा। यहां कुछ स्थानों पर तेज़ बारिश के साथ तेज़ हवाएं और बिजली गिरने की आशंका जताई गई है, जिससे किसानों और आम लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
पूर्वोत्तर भारत में व्यापक प्रभाव
असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मिज़ोरम, नागालैंड और त्रिपुरा में भी प्री-मानसून का व्यापक असर रहेगा। इन राज्यों में कई स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। इसके साथ ही 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज़ हवाएं, आंधी और गरज-चमक की चेतावनी जारी की गई है।
अल-नीनो की आशंका के बीच उम्मीदें बरकरार
हालांकि इस वर्ष मानसून पर अल-नीनो के प्रभाव की आशंका जताई गई है, लेकिन मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि प्री-मानसून की सक्रियता अच्छी बारिश के संकेत दे रही है। वर्ष 2025 की तरह 2026 में भी बेहतर वर्षा होने की उम्मीद बनी हुई है।
सावधानी बरतने की अपील
मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से बाहर न निकलने, खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने तथा बिजली गिरने की स्थिति में सुरक्षित स्थान पर रहने की अपील की है। किसानों को भी फसलों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने की सलाह दी गई है।
