उत्तराखंड अक्षय तृतीया पर चारधाम यात्रा 2026 का शुभारंभ, आज खुलेंगे यमुनोत्री धाम व गंगोत्री धाम के कपाट,,,,

देहरादून: उत्तराखंड की विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा 2026 का आज, 19 अप्रैल को पावन पर्व अक्षय तृतीया के अवसर पर विधिवत शुभारंभ हो गया है। आज दोपहर वैदिक मंत्रोच्चार के साथ यमुनोत्री धाम और गंगोत्री धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। गंगोत्री के लिए मां गंगा की डोली भैरव घाटी से मंदिर परिसर पहुंचेगी, जिसके बाद विधिवत पूजा-अर्चना के साथ दर्शन शुरू होंगे। इसी के साथ चारधाम यात्रा का आधिकारिक आगाज़ हो जाएगा। आगामी चरण में केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल और बद्रीनाथ धाम के कपाट 23 अप्रैल को खोले जाएंगे।

रजिस्ट्रेशन और सुरक्षा नियम सख्त
चारधाम यात्रा पर आने वाले सभी श्रद्धालुओं के लिए रजिस्ट्रेशन और QR कोड अनिवार्य कर दिया गया है। बिना पंजीकरण के किसी भी यात्री को यात्रा में प्रवेश नहीं मिलेगा। यात्रियों को अपने साथ आधार कार्ड रखना भी जरूरी है। वर्तमान में गंगोत्री और यमुनोत्री क्षेत्र में तापमान 5 से 12 डिग्री सेल्सियस के बीच है, ऐसे में यात्रियों को गर्म कपड़े और रेनकोट साथ रखने की सलाह दी गई है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में जाने से पहले स्वास्थ्य जांच करवाना भी अनिवार्य बताया गया है।
सरकार की तैयारियां पूरी, पहले जत्थे को रवाना किया गया
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ऋषिकेश स्थित ट्रांजिट कैंप से विधिवत पूजा-अर्चना के बाद यात्रा के पहले जत्थे को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। वहीं पर्यटन एवं धर्मस्व मंत्री सतपाल महाराज ने अधिकारियों के साथ बैठक कर यात्रा मार्ग की व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने सभी 13 वैकल्पिक मार्गों को तैयार रखने, सड़कों की स्थिति दुरुस्त करने और यात्रियों की सुविधा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
सुरक्षा, स्वच्छता और यातायात पर विशेष फोकस
सरकार ने यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए ब्लैक स्पॉट की पहचान, संवेदनशील क्षेत्रों की मैपिंग, जीपीएस आधारित मॉनिटरिंग, वन-वे सिस्टम, डायवर्जन प्लान और क्रैश बैरियर जैसी व्यवस्थाओं को प्राथमिकता दी है। यात्रा मार्ग पर पेट्रोल पंप, अस्पताल और रेस्टोरेंट की जानकारी देने वाले साइन बोर्ड लगाए जा रहे हैं। साथ ही सभी होटलों, ढाबों और पेट्रोल पंपों पर मुफ्त शौचालय और पेयजल की सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए होटल और रेस्टोरेंट स्टाफ के लिए ग्लव्स और सैनिटाइजर का उपयोग अनिवार्य किया गया है।
भूस्खलन और नदी क्षेत्र पर सतर्कता
कुछ स्थानों जैसे भटवाड़ी, डबराड़ी और चडेथी में नदी का जलस्तर बढ़ने और सिल्ट जमा होने के कारण सड़कों पर खतरा बना हुआ है। ऐसे में सिंचाई विभाग को समय रहते नदी चैनलाइजेशन कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही खराब ट्रैक रूटों को भी जल्द ठीक करने को कहा गया है।
रिकॉर्ड स्तर पर पंजीकरण
चारधाम और हेमकुंड साहिब यात्रा के लिए 6 मार्च 2026 से शुरू हुए पंजीकरण में अब तक कुल 18,97,442 श्रद्धालु रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं। इनमें यमुनोत्री के लिए 3,24,929, गंगोत्री के लिए 3,34,248, केदारनाथ के लिए 6,59,819, बद्रीनाथ के लिए 5,59,432 और हेमकुंड साहिब के लिए 19,014 श्रद्धालु शामिल हैं।
ऑनलाइन के साथ ऑफलाइन व्यवस्था भी
सरकार ने ऑनलाइन के साथ-साथ ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन की भी व्यापक व्यवस्था की है। इसके तहत ऋषिकेश में 30, हरिद्वार में 20 और विकासनगर में 20 काउंटर स्थापित किए गए हैं, जो 24 घंटे संचालित रहेंगे। इन केंद्रों पर यात्रियों के ठहरने के लिए भी पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं।
यात्रियों की सुविधा सर्वोपरि
यात्रा मार्ग पर संचालित सभी वाहनों के लिए ट्रिप कार्ड अनिवार्य किया गया है, जिसमें यात्रियों, चालक और वाहन स्वामी की पूरी जानकारी दर्ज होगी। सरकार का स्पष्ट कहना है कि चारधाम यात्रा को सरल, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
