उत्तराखंड दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे की गुणवत्ता पर कांग्रेस के सवाल, निष्पक्ष जांच की मांग,,,,

देहरादून। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के निर्माण मानकों और गुणवत्ता को लेकर उत्तराखंड में एक नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस ने दावा किया है कि लगभग ₹12,000 करोड़ की लागत से तैयार इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर पहली ही बारिश के बाद गंभीर सवाल उठने लगे हैं। पार्टी ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और जिम्मेदार अधिकारियों व एजेंसियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
🔴 सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने का दावा

कांग्रेस के अनुसार, प्रधानमंत्री द्वारा 14 अप्रैल 2026 को इस एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किए जाने के कुछ ही समय बाद सोशल मीडिया पर कई वीडियो सामने आए हैं। इन वीडियो में सड़क के एक हिस्से पर बड़े गड्ढे होने और एक वाहन के फंसने का दावा किया जा रहा है। कांग्रेस ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इन वीडियो को साझा करते हुए देश में बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की गुणवत्ता पर चिंता व्यक्त की है।
🔴 विपक्ष का रुख- ‘प्रचार नहीं, टिकाऊ ढांचा चाहिए’
- करण माहरा (पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष): उन्होंने कहा कि जिस एक्सप्रेसवे को सरकार अपनी बड़ी उपलब्धि के रूप में पेश कर रही थी, उसकी यह स्थिति निर्माण मानकों पर गंभीर प्रश्न खड़े करती है। जनता के टैक्स के पैसे से बनने वाली परियोजनाओं में किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जा सकता।
- पारदर्शिता की मांग: पार्टी का कहना है कि देश को केवल उद्घाटन और प्रचार नहीं, बल्कि लंबे समय तक सुरक्षित और टिकाऊ बुनियादी ढांचा चाहिए। सरकार को इस मामले की तुरंत जांच करानी चाहिए और लापरवाही बरतने वाली एजेंसियों को जवाबदेह बनाना चाहिए।
🔴 सरकार की प्रतिक्रिया का इंतजार
पार्टी के इन गंभीर आरोपों और सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे दावों को लेकर अभी तक संबंधित सरकारी एजेंसी, निर्माण संस्था या सरकार की ओर से कोई भी आधिकारिक प्रतिक्रिया या स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है।
