अल्मोड़ा के वीर सपूत लेफ्टिनेंट बीरेश्वर गोस्वामी जम्मू-कश्मीर में शहीद, पूरे सैन्य सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार,,,

अल्मोड़ा। जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में आतंकवाद विरोधी अभियान ‘ऑपरेशन शेरावाली’ के दौरान उत्तराखंड के अल्मोड़ा निवासी युवा सैन्य अधिकारी लेफ्टिनेंट बीरेश्वर गोस्वामी (25) शहीद हो गए। शनिवार शाम दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र में तलाशी अभियान का नेतृत्व करते समय संतुलन बिगड़ने से वे गहरी खाई में गिर गए थे। साथी जवानों ने त्वरित बचाव अभियान चलाया, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। रविवार को अल्मोड़ा के विश्वनाथ घाट पर पूरे सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया।
🟢 होनहार और बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे बीरेश्वर
मूल रूप से बाड़ी (बग्वालीपोखर) और वर्तमान में अथरबनी (पाण्डेखोला) निवासी लेफ्टिनेंट बीरेश्वर गोस्वामी 5 असम रेजिमेंट में तैनात थे। वे बचपन से ही देश सेवा का सपना देखते थे। जनवरी 2023 में सेना में शामिल होने के बाद जून 2024 में उन्हें कमीशन प्राप्त हुआ था। परिजनों के अनुसार, महज दो दिन बाद ही उनका कैप्टन पद पर प्रमोशन प्रस्तावित था।
उनकी प्रारंभिक शिक्षा आर्मी पब्लिक स्कूल रानीखेत और सैनिक स्कूल घोड़ाखाल से हुई थी। इसके बाद उन्होंने ग्राफिक एरा विश्वविद्यालय से रजत पदक (सिल्वर मेडल) के साथ स्नातक किया। बीरेश्वर बेहद प्रतिभाशाली थे; उन्होंने एनडीए परीक्षा उत्तीर्ण करने के साथ-साथ कैट (CAT), एनएलयू (NLU) और इंग्लैंड के एक प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय में भी चयन हासिल किया था, लेकिन उन्होंने देश सेवा की राह चुनी। उनके पिता भनोली तहसील में मुख्य प्रशासनिक पद पर कार्यरत हैं और माता प्राथमिक विद्यालय वलसा में प्रधानाध्यापिका हैं।
🟢 नम आंखों से विदाई, क्षेत्र में शोक की लहर
शहादत की सूचना मिलते ही पूरे उत्तराखंड और अल्मोड़ा क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। रविवार को शहीद का पार्थिव शरीर सेना के हेलीपैड पर लाया गया, जहां सेना, प्रशासनिक अधिकारियों और स्थानीय जनता ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इसके बाद पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए उनके निवास स्थान ले जाया गया, जहां भारी संख्या में लोगों ने नम आंखों से वीर सपूत को विदाई दी।
🟢 जनप्रतिनिधियों ने जताई गहरी संवेदना
लेफ्टिनेंट बीरेश्वर गोस्वामी के सर्वोच्च बलिदान पर सांसद अजय टम्टा, विधायक मनोज तिवारी, मेयर अजय वर्मा, दर्जामंत्री गोविंद पिलख्वाल सहित कई वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और गणमान्य नागरिकों ने गहरा दुख व्यक्त किया है। सभी ने शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं प्रकट की हैं।
🟢 क्या है ऑपरेशन शेरावाली?
राजौरी के दोरीमाल-गंभीर मुगलान क्षेत्र के घने जंगलों में मई के अंतिम सप्ताह से ‘ऑपरेशन शेरावाली’ चलाया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में छिपे आतंकवादियों को ढूंढकर उन्हें ढेर करना है। सेना और अर्धसैनिक बल लगातार इस दुर्गम पहाड़ी इलाके में सघन तलाशी अभियान चला रहे हैं।
