दिल्ली पेपर लीक मामले पर पर मोदी सरकार का बड़ा फैसला, पीएम ने दिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट के निर्देश, कैबिनेट बैठक में आ सकता है कड़ा कानून,,,
नई दिल्ली। NEET-UG परीक्षा में कथित गड़बड़ियों को लेकर देश भर में जारी विरोध-प्रदर्शनों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बड़ा ऐलान किया है। प्रधानमंत्री ने गुरुवार को स्पष्ट किया कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले अपराधियों के खिलाफ सरकार ‘और सख्त’ कार्रवाई करेगी। उन्होंने बताया कि केंद्रीय कैबिनेट जल्द ही अपराधियों को कड़ी सजा देने और फास्ट-ट्रैक कोर्ट के गठन से जुड़े एक ड्राफ्ट बिल पर विचार करने जा रही है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर साझा किए गए एक स्व-रिकॉर्डेड वीडियो संदेश में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “कल की कैबिनेट में पेपर लीक के खिलाफ और सख्त कार्रवाई की जाएगी! हमारी सबसे जरूरी जिम्मेदारी यह सुनिश्चित करना था कि छात्रों का साल बर्बाद न हो।”
🟢 फास्ट-ट्रैक कोर्ट और सख्त सजा का प्रावधान
प्रधानमंत्री ने जानकारी दी कि संबंधित विभागों को इस विषय पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश जारी किए गए थे। विभागों द्वारा देर रात सौंपे गए ड्राफ्ट पर कैबिनेट में चर्चा की जाएगी।
- त्वरित सुनवाई: मामलों के जल्द निपटारे के लिए विशेष फास्ट-ट्रैक कोर्ट का गठन।
- कड़े प्रावधान: दोषियों के लिए सख्त से सख्त सजा सुनिश्चित करने का प्रस्ताव।
- संसदीय प्रक्रिया: कैबिनेट के सुझावों के बाद इसे अंतिम रूप देकर संसद के चालू मानसून सत्र में पास कराने का प्रयास किया जाएगा।
पीएम मोदी ने युवाओं और अभिभावकों की पीड़ा को स्वीकारते हुए कहा:
“मुझे पता है कि पेपर लीक कोई आम बात नहीं है। लाखों छात्रों और उनके माता-पिता के लिए यह बेहद दर्दनाक है। हमारे युवाओं की भलाई और भविष्य से ज्यादा जरूरी कुछ नहीं है। जो लोग इनके भविष्य को नुकसान पहुँचाने की कोशिश करेंगे, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा।”
🟢 22 लाख छात्रों के भविष्य का ध्यान
सरकार द्वारा उठाए गए त्वरित कदमों पर प्रकाश डालते हुए पीएम ने बताया कि पिछले ढाई महीनों में कई मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
उन्होंने कहा कि सरकार का मुख्य उद्देश्य छात्रों के शैक्षणिक वर्ष को बचाना था। इसी प्रतिबद्धता के तहत कम से कम समय में लगभग 22 लाख छात्रों के लिए दोबारा परीक्षा आयोजित की गई और हाल ही में 19 तारीख को इसके परिणाम भी घोषित कर दिए गए हैं।
🔴 विपक्ष का विरोध और राजनीतिक सरगर्मी
एक तरफ जहाँ सरकार कड़े कानून के जरिए इस संकट से निपटने की तैयारी में है, वहीं दूसरी तरफ सीजेपी (CJP) और विपक्षी दल इस मुद्दे को लेकर लगातार आक्रामक रुख अपनाए हुए हैं।
संसद के मानसून सत्र में इस विषय पर जोरदार हंगामा देखने को मिल रहा है। विपक्ष लगातार केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और सदन के भीतर इस मामले पर विस्तृत चर्चा की मांग पर अड़ा हुआ है।
प्रधानमंत्री के इस ताजा बयान और प्रस्तावित बिल से अब यह साफ हो गया है कि सरकार आने वाले दिनों में संसद के जरिए पेपर लीक माफियाओं पर नकेल कसने के लिए एक ऐतिहासिक और कठोर कानून लाने जा रही है।

