अर्धकुंभ-2027 से पहले हरिद्वार को जाम से मुक्ति की तैयारी: स्पर-टू कॉरिडोर और बाईपास परियोजनाएं अंतिम चरण में, दिसंबर से खुलेंगे नए रास्ते,,,

हरिद्वार: अर्धकुंभ-2027 के महाआयोजन से पूर्व धर्मनगरी हरिद्वार की यातायात व्यवस्था को सुगम और आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ी प्रगति हुई है। शहर में वर्षों से नासूर बने ट्रैफिक जाम के स्थायी समाधान के लिए निर्माणाधीन ‘स्पर-टू हरिद्वार’ और ‘हरिद्वार बाईपास’ (रिंग रोड) परियोजनाएं अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और स्थानीय प्रशासन के अनुसार, हरिद्वार बाईपास का निर्माण कार्य युद्धस्तर पर जारी है और इसे इसी वर्ष दिसंबर तक यातायात के लिए खोलने की तैयारी है।
इस नई व्यवस्था के लागू होने से शहर के भीतर दाखिल होने वाले बाहरी वाहनों को सीधा वैकल्पिक मार्ग मिल जाएगा, जिससे अर्धकुंभ के दौरान उमड़ने वाली करोड़ों श्रद्धालुओं की भीड़ के कुशल प्रबंधन में मदद मिलेगी।
🟢 दिल्ली-एनसीआर से हरिद्वार का सफर होगा तेज, 92% काम पूरा

एनएचएआई के अधिकारियों के अनुसार, 51 किलोमीटर लंबे 6-लेन एक्सेस-कंट्रोल्ड ‘स्पर-टू हरिद्वार’ कॉरिडोर का लगभग 92 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है, जिसके तहत करीब 46 किलोमीटर सड़क तैयार कर ली गई है।
- यह कॉरिडोर सीधे दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर से जुड़ेगा।
- यह मार्ग हलगोया मुस्तकम से प्रारंभ होकर भड़ेड़ी राजपूताना के समीप राष्ट्रीय राजमार्ग-58 (NH-58) से मिलेगा।
- इस मार्ग के शुरू होने से दिल्ली, मेरठ, सहारनपुर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश से आने वाले भारी व हल्के वाहनों को हरिद्वार के भीतरी रिहायशी क्षेत्रों में नहीं जाना पड़ेगा।
- परिणामस्वरूप हरकी पैड़ी, चंडी चौक और शंकराचार्य चौक जैसे प्रमुख और संवेदनशील चौराहों पर ट्रैफिक का दबाव काफी घट जाएगा।
🟢 हरिद्वार बाईपास: 15 किमी का पैकेज-1 दिसंबर तक होगा चालू

15 किलोमीटर लंबे हरिद्वार बाईपास के पैकेज-1 का लगभग 77 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और 9 किलोमीटर सड़क तैयार की जा चुकी है।
- यह बाईपास बहादराबाद से शुरू होकर राष्ट्रीय राजमार्ग-34 (NH-34) पर श्यामपुर कांगड़ी स्थित चंडी देवी मंदिर के निकट तक पहुंचेगा।
- दिसंबर में इसके शुरू होते ही ऋषिकेश, गढ़वाल या कुमाऊं की ओर जाने वाले वाहनों को शहर के मुख्य बाजार और आंतरिक मार्गों से गुजरे बिना सीधी बाईपास कनेक्टिविटी मिल जाएगी। इससे स्थानीय निवासियों को भी दैनिक जाम से राहत मिलेगी।
🟢 प्रमुख जंक्शनों पर फ्लाईओवर और अंडरपास का जाल
हरिद्वार-मुजफ्फरनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर ट्रैफिक बॉटलनेक बने चौराहों को भी सिग्नल-फ्री किया जा रहा है। पुरकाजी, फलौदा, मंगलौर, बहादराबाद और ज्वालापुर जैसे व्यस्त जंक्शनों पर फ्लाईओवर, वाहन अंडरपास (VUP) और सर्विस लेन का निर्माण तेजी से जारी है। इन संरचनाओं के पूर्ण होते ही चौराहों पर लगने वाली वाहनों की लंबी कतारों से हमेशा के लिए निजात मिल सकेगी।
