“देश – दुनिया” बच्चों के यौन शोषण से जुड़ी सामग्री को लेकर मेटा के खिलाफ राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) के निर्देश पर दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने की एफआईआर दर्ज,,,

नई दिल्ली। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक और इंस्टाग्राम का संचालन करने वाली कंपनी मेटा की मुश्किलें बढ़ गई हैं। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) के निर्देश के बाद दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने प्लेटफॉर्म पर बच्चों के यौन शोषण से जुड़ी सामग्री (सीएसएईएम) के प्रसार को लेकर प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज की है। पुलिस ने यह कार्रवाई सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) अधिनियम, 2000 की धारा 67 और 67बी के तहत की है।

“दोषी साबित होने पर 5 वर्ष तक की कैद और 10 लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान”
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि मेटा प्लेटफॉर्म के जरिए बच्चों के यौन शोषण से जुड़ी संदिग्ध सामग्री फैलाई जा रही है। जांच में सामने आया कि लगभग 10 लिंकों की पहचान की गई थी, जिनके माध्यम से आपत्तिजनक सामग्री प्रसारित की जा रही थी। एनएचआरसी के सदस्य प्रियांक कानूनगो ने सोशल मीडिया पर बताया कि आयोग के निर्देशों पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने मामला दर्ज किया है।
मेटा का दावा है कि उसने जनवरी से जून के बीच वैश्विक स्तर पर बच्चों के यौन शोषण से जुड़ी 3.32 करोड़ सामग्रियों पर कार्रवाई की, जिनमें से 97 फीसदी से अधिक सामग्री की पहचान उसके ऑटोमेटेड सिस्टम ने की थी। भारत में ऐसी 53 लाख सामग्रियों पर कार्रवाई की बात कही गई है। हालांकि, कानून के तहत बच्चों के यौन शोषण से जुड़ी सामग्री बनाना, रखना, देखना, शेयर करना या प्रसारित करना गंभीर अपराध है। आईटी एक्ट की धारा 67बी के तहत पहली बार दोषी पाए जाने पर 5 वर्ष तक की कैद और 10 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है।
