उत्तराखंड में मानसून फिर सक्रिय, चार जिलों में भारी बारिश का ‘ऑरेंज अलर्ट’, अभी 4 अगस्त तक बिगड़ा रहेगा मौसम का मिजाज,,,,

देहरादून। उत्तराखंड में मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है, जिससे पर्वतीय जिलों में भारी बारिश का खतरा काफी बढ़ गया है। मौसम विज्ञान केंद्र, देहरादून ने राज्य के कई पर्वतीय क्षेत्रों में भारी से भारी बारिश, गरज-चमक और तेज बौछारों का पूर्वानुमान जारी किया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मौसम विभाग ने विशेष रूप से बागेश्वर, नैनीताल, चंपावत और पिथौरागढ़ जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट घोषित किया है।
🔴 मौसम विभाग ने बताया इन जिलों में सबसे ज्यादा खतरा
मौसम विभाग के अनुसार, ऑरेंज अलर्ट वाले इन चारों जिलों में कई स्थानों पर:
- तीव्र वर्षा के दौर और गरज के साथ आकाशीय बिजली चमकने की संभावना है।
- पर्वतीय इलाकों में भूस्खलन (Landslide) और सड़कें अवरुद्ध होने की आशंका है।
- निचले क्षेत्रों में जलभराव तथा नदी-नालों के उफान पर आने का खतरा बना हुआ है। राज्य के अन्य जिलों में भी कुछ स्थानों पर तेज बारिश और गरज-चमक के दौर देखने को मिल सकते हैं।
🔴 4 अगस्त तक बना रहेगा खराब मौसम
मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि आने वाले दिनों में मानसून और अधिक रफ्तार पकड़ सकता है। देहरादून, नैनीताल और बागेश्वर सहित कई जिलों में अत्यधिक भारी बारिश की स्थिति बन सकती है। 4 अगस्त तक पूरे उत्तराखंड में मौसम का मिजाज इसी तरह खराब रहने की संभावना है, जिससे पहाड़ी क्षेत्रों में यातायात प्रभावित हो सकता है और मैदानी इलाकों में जलभराव की समस्या बढ़ सकती है।
🔴 मौसम विभाग की मुख्य चेतावनी और सावधानियां
प्रशासन और मौसम विभाग ने नागरिकों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है:
- अनावश्यक यात्रा से बचें: विशेषकर पर्वतीय क्षेत्रों में रात के समय यात्रा करने से पूरी तरह परहेज करें।
- नदी-नालों से रहें दूर: किसी भी नदी, नाले या गदेरे के करीब न जाएं।
- संवेदनशील क्षेत्रों से दूरी: पहाड़ी इलाकों में ढलानों और भूस्खलन संभावित स्थानों के पास जाने से बचें।
- आधिकारिक अपडेट देखें: केवल मौसम विभाग और जिला प्रशासन द्वारा जारी की गई सूचनाओं पर ही भरोसा करें।
🔴 पूरी तरह हाई अलर्ट पर प्रशासन
भारी बारिश की चेतावनी के मद्देनजर जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग ने संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है। सड़क मार्ग, बिजली आपूर्ति, जल संस्थान और राहत-बचाव एजेंसियों को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अगले 48 से 72 घंटों तक भारी बारिश का दौर जारी रहा, तो पर्वतीय मार्ग और अधिक प्रभावित हो सकते हैं। इसलिए, बागेश्वर, नैनीताल, चंपावत और पिथौरागढ़ के लोगों को अगले कुछ दिनों तक अत्यधिक सतर्कता और सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
