उत्तराखंड के बागेश्वर में उरेडा का परियोजना अधिकारी 40 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार, विजिलेंस न किया गिरफ्तार,कार्रवाई से मचा हड़कंप,,,

बागेश्वर। 24 जुलाई उत्तराखंड में भ्रष्टाचार के खिलाफ सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) का कड़ा प्रहार जारी है। ताजा मामला जनपद बागेश्वर से सामने आया है, जहां सतर्कता अधिष्ठान हल्द्वानी की टीम ने उत्तराखंड अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण (उरेडा) के परियोजना अधिकारी को 40 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। आरोपी अधिकारी सोलर प्लांटों की फाइल पास करने के एवज में रिश्वत की मांग कर रहा था। इस कार्रवाई के बाद से विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप मचा हुआ है।
🔴 फाइलें अटकाकर मांगी जा रही थी घूस
विजिलेंस से मिली जानकारी के अनुसार, एक शिकायतकर्ता ने सतर्कता अधिष्ठान में शिकायत दर्ज कराई थी कि बागेश्वर स्थित उरेडा कार्यालय में सोलर प्लांटों की ‘संयुक्त निरीक्षण रिपोर्ट’ (JIR) काफी समय से लंबित रखी गई थी। आरोप था कि उरेडा के परियोजना अधिकारी धीरेंद्र सिंह पटवाल द्वारा रिपोर्ट जारी करने के एवज में 10 से 15 हजार रुपये प्रति फाइल के हिसाब से घूस मांगी जा रही थी।
शिकायतकर्ता की वर्तमान में 4 फाइलें कार्यालय में लंबित थीं, जिन्हें पास करने के बदले अधिकारी द्वारा कुल 40,000 रुपये की मांग की जा रही थी। शिकायतकर्ता रिश्वत देने के बजाय भ्रष्ट अधिकारी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई चाहता था।
🔴 ट्रैप टीम ने ऐसे बिछाया जाल
शिकायत प्राप्त होने के बाद विजिलेंस की टीम ने प्राथमिक जांच कराई, जिसमें घूस मांगने की पुष्टि हुई। इसके बाद पुलिस अधीक्षक (सतर्कता अधिष्ठान सेक्टर हल्द्वानी) के निर्देशन में एक विशेष ट्रैप टीम का गठन किया गया।
- कार्रवाई की तिथि: 24 जुलाई
- आरोपी का विवरण: धीरेंद्र सिंह पटवाल (पुत्र उदय सिंह पटवाल), निवासी रामनगर, जिला नैनीताल।
- वर्तमान पद: परियोजना अधिकारी, उत्तराखंड अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण (उरेडा), बागेश्वर।
- कार्रवाई: विजिलेंस टीम ने सुनियोजित रणनीति के तहत आरोपी अधिकारी को शिकायतकर्ता से 40 हजार रुपये नकद स्वीकार करते हुए मौके पर ही रंगे हाथ दबोच लिया।
🔴 अग्रिम विवेचना और आय से अधिक संपत्ति की जांच जारी
गिरफ्तारी के बाद सतर्कता अधिष्ठान द्वारा आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत मामला दर्ज कर अग्रिम विवेचनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। विजिलेंस की टीम आरोपी अधिकारी के अन्य ठिकानों, सेवा रिकॉर्ड और आय-संपत्ति से जुड़े अन्य पहलुओं की भी गहनता से जांच-पड़ताल कर रही है।
