उत्तराखंड टिहरी में बरपाया कुदरत ने कहर, सुरकंडा देवी कद्दूखाल में भरभराकर ढहा होटल का एक हिस्सा और पूरा मकान, पहाड़ों में खतरे अगले 48घंटे की घंटी,,,,

टिहरी गढ़वाल। उत्तराखंड में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश अब पहाड़ी क्षेत्रों के लिए आफत बनने लगी है। टिहरी गढ़वाल के प्रसिद्ध पर्यटन और धार्मिक स्थल सुरकंडा देवी (कद्दूखाल) से तबाही की एक डराने वाली तस्वीर सामने आई है। यहाँ भारी बारिश के चलते महज कुछ ही सेकंड के भीतर एक होटल का बड़ा हिस्सा और एक आवासीय मकान ताश के पत्तों की तरह ढह गया।
राहत की बात यह रही कि इस भयानक हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन इस घटना ने पहाड़ों में सुरक्षा को लेकर खतरे की घंटी जरूर बजा दी है।
🔴 मूसलाधार बारिश से कमजोर पड़ी जमीन, दहशत में लोग

लगातार हो रहे जलभराव और भारी बारिश के कारण पहाड़ी इलाकों की जमीन अंदर ही अंदर कमजोर पड़ती जा रही है। कद्दूखाल में हुए इस हादसे के बाद से पूरे इलाके के स्थानीय निवासियों और व्यापारियों में दहशत का माहौल है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, भवन देखते ही देखते मलबे के ढेर में तब्दील हो गए।
बड़ी राहत: गनीमत रही कि जिस वक्त यह हादसा हुआ, उस समय दोनों ही भवनों के भीतर कोई भी व्यक्ति मौजूद नहीं था। समय रहते खाली होने की वजह से एक बहुत बड़ा हादसा टल गया। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है।
🔴 चारधाम यात्रियों और स्थानीय लोगों की बढ़ी चिंता

प्रदेश के अधिकांश पर्वतीय क्षेत्रों में जारी लगातार बारिश के कारण भूस्खलन (लैंडस्लाइड) का खतरा चरम पर पहुंच गया है। जगह-जगह से पहाड़ दरकने, सड़कों पर मलबा आने और भवनों को नुकसान पहुंचने की खबरें लगातार सामने आ रही हैं। इस स्थिति ने स्थानीय लोगों के साथ-साथ उत्तराखंड आने वाले पर्यटकों और चारधाम यात्रियों की चिंता को काफी बढ़ा दिया है।
🔴 प्रशासन अलर्ट पर, जारी की एडवायजरी

फिलहाल पूरे पहाड़ी क्षेत्र में प्रशासन को हाई अलर्ट पर रखा गया है और अधिकारी पल-पल के हालातों पर नजर बनाए हुए हैं। आपदा प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन ने जनता व यात्रियों से विशेष अपील की है:
- अनावश्यक यात्रा से बचें: जब तक बहुत जरूरी न हो, बारिश के दौरान पहाड़ी रास्तों पर सफर करने से परहेज करें।
- सुरक्षित स्थानों पर रहें: भूस्खलन संभावित क्षेत्रों (डेंजर जोन) और कमजोर पड़ चुके भवनों के पास बिल्कुल न रुकें।
- मौसम विभाग के निर्देशों का पालन करें: मौसम विभाग द्वारा जारी की जाने वाली चेतावनियों और अलर्ट्स को गंभीरता से लें और उसी के अनुसार अपनी यात्रा प्लान करें।
