उत्तराखंड में अब 60 वर्ष के होते ही स्वतः शुरू होगी वृद्धावस्था पेंशन- पुष्कर सिंह धामी

देहरादून: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने समाज कल्याण विभाग को एक बड़ा निर्देश देते हुए कहा है कि राज्य में 60 वर्ष की आयु पूरी करते ही पात्र नागरिकों को बिना किसी अनावश्यक औपचारिकता के स्वतः (ऑटोमैटिक) वृद्धावस्था पेंशन का लाभ मिलना चाहिए। मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित समाज कल्याण विभाग की समीक्षा बैठक में उन्होंने यह बात कही।
इस बैठक में मुख्य निर्णय और महत्वपूर्ण आँकड़े निम्नलिखित रहे:
- सुशासन और भविष्य की योजनाएं: मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि विभाग की सभी योजनाएं अगले 25 वर्षों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर बनाई जाएं। उत्तराखंड में विभिन्न योजनाओं को एकीकृत (इंटीग्रेट) कर एक ऐसा सुशासन मॉडल विकसित किया जाएगा जो देश के अन्य राज्यों के लिए नजीर बने।
- डीबीटी (DBT) के जरिए पेंशन ट्रांसफर: मुख्यमंत्री धामी ने जून-2026 की पेंशन राशि के रूप में 9.80 लाख से अधिक लाभार्थियों के बैंक खातों में 145.42 करोड़ रुपये सीधे ट्रांसफर (DBT) किए। इसमें केंद्र सरकार का हिस्सा 7.02 करोड़ रुपये और राज्य सरकार का हिस्सा 138.40 करोड़ रुपये रहा।
- किसे मिला कितना लाभ? जारी की गई राशि में से सबसे बड़ा हिस्सा 6.11 लाख वृद्धावस्था पेंशन लाभार्थियों को मिला, जिनके खातों में 91.69 करोड़ रुपये भेजे गए।
- छात्रावासों का निर्माण: डोईवाला, पाइनस और सोमेश्वर में बन रहे ‘बाबू जगजीवन राम छात्रावासों’ का निर्माण कार्य अक्टूबर तक पूरा करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं, ताकि अनुसूचित जाति के छात्र-छात्राओं को समय पर आधुनिक शैक्षणिक और आवासीय सुविधाएं मिल सकें।
इस उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री के साथ समाज कल्याण मंत्री खजान दास भी मुख्य रूप से उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने साफ किया कि सरकार का लक्ष्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि एक स्थायी और प्रभावी सामाजिक सुरक्षा तंत्र विकसित करना है।
