मणिपुर में उग्रवादी हमला, उत्तराखंड के दो वीर जवान शहीद, सैन्य सम्मान के साथ दी जाएगी अंतिम विदाई,,,

देहरादून: मणिपुर के उखरुल जिले में संदिग्ध उग्रवादियों द्वारा किए गए एक घातक हमले में असम राइफल्स के दो जांबाज जवान शहीद हो गए हैं। सर्वोच्च बलिदान देने वाले दोनों वीर योद्धा उत्तराखंड के मूल निवासी थे, जिनमें अल्मोड़ा के वारंट अधिकारी बलवंत सिंह और पौड़ी गढ़वाल के हवलदार चंद्र मोहन सिंह शामिल हैं। इस कायरतापूर्ण हमले में कुछ अन्य जवानों के घायल होने की भी खबर है।
🔴 घात लगाकर काफिले पर किया हमला
पुलिस और सैन्य सूत्रों के अनुसार, यह घटना सोमवार दोपहर करीब 1:30 बजे उखरुल जिले के मुंगशांग खोंग क्षेत्र में हुई। सुरक्षा बलों का काफिला जब अपने नियमित ऑपरेशनल मूवमेंट पर था, तभी पहले से घात लगाए बैठे उग्रवादियों ने अचानक अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। असम राइफल्स के जवानों ने त्वरित जवाबी कार्रवाई की, लेकिन इस भीषण मुठभेड़ के दौरान दोनों जवानों ने देश की रक्षा करते हुए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए।
🟢 महज 5 दिन पहले ही ड्यूटी पर लौटे थे हवलदार चंद्र मोहन
शहीद हवलदार चंद्र मोहन सिंह पौड़ी गढ़वाल के नैनीडांडा ब्लॉक स्थित डांडातोली गांव के रहने वाले थे (वर्तमान में उनका परिवार गाजियाबाद में है)। उनके पिता के निधन के बाद वे पारिवारिक क्रियाकर्म पूरा कर बीते 3 जुलाई को ही वापस अपनी ड्यूटी पर लौटे थे। उनके पीछे पत्नी मंजू देवी, दो बेटियां और एक बेटा है। वीर सपूत के शहादत की खबर मिलते ही उनके पैतृक गांव और पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।
🟢 सेना और असम राइफल्स ने जताया गहरा शोक
इस दुखद घटना पर असम राइफल्स के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल विकास लखेड़ा और भारतीय सेना की पूर्वी कमान के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल वीएमबी कृष्णन सहित तमाम उच्च अधिकारियों ने गहरा दुख व्यक्त किया है।
”वारंट अधिकारी बलवंत सिंह और हवलदार चंद्र मोहन सिंह ने कर्तव्य की बलिवेदी पर अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है। पूरा देश और सैन्य बल उनके इस पराक्रम को नमन करता है। इस अत्यंत कठिन समय में असम राइफल्स शहीद परिवारों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है।”- लेफ्टिनेंट जनरल विकास लखेड़ा, महानिदेशक (असम राइफल्स)
