देहरादून में यहां गैस किल्लत पर फूटा उपभोक्ताओं का गुस्सा, एजेंसी पर किया जमकर हंगामा और नारेबाजी,,,,

देहरादून। राजधानी के झाझरा क्षेत्र में पिछले कई दिनों से गैस सिलिंडर की आपूर्ति बाधित होने के कारण शनिवार को उपभोक्ताओं के सब्र का बांध टूट गया। अनिकेत गैस एजेंसी पर बड़ी संख्या में पहुंचे उपभोक्ताओं ने सिलिंडर वितरण में देरी और कथित धांधली को लेकर जमकर हंगामा किया। स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि उपभोक्ताओं और एजेंसी कर्मियों के बीच तीखी बहस हुई, जिसके बाद पूर्ति निरीक्षक को मौके पर पहुंचकर हस्तक्षेप करना पड़ा।
मुख्य आरोप: होम डिलीवरी ठप और ब्लैक मार्केटिंग का शक
प्रदर्शन कर रहे उपभोक्ताओं ने एजेंसी प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि:
- डिलीवरी में देरी: गैस बुकिंग के 7 से 10 दिन बीत जाने के बाद भी सिलिंडर की डिलीवरी नहीं हो रही है।
- DAC नंबर की समस्या: बुकिंग के एक सप्ताह बाद भी उपभोक्ताओं को डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (DAC) प्राप्त नहीं हो रहा है।
- नियमों का उल्लंघन: गैस की होम डिलीवरी करने के बजाय गाड़ियां खाली प्लॉटों या नदी-नालों के पास खड़ी कर दी जाती हैं।
- कालाबाजारी की आशंका: उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया कि कर्मियों की मिलीभगत से सिलिंडर बाजार में ऊंचे दामों पर ब्लैक किए जा रहे हैं।
एजेंसी का पक्ष: बैकलाग और तकनीकी खामियां
हंगामे के बीच एजेंसी मैनेजर हिमांशु ने सफाई देते हुए कहा कि एजेंसी पर वर्तमान में 1436 सिलिंडरों का बैकलाग चल रहा है। उन्होंने देरी के पीछे निम्नलिखित कारण बताए:
- नेटवर्क समस्या: फूलसणी, धौलास और बादशाही बाग जैसे क्षेत्रों में खराब नेटवर्क के कारण डीएसी (DAC) नंबर समय पर नहीं पहुंच पा रहे हैं।
- बाटलिंग प्लांट में देरी: इंडेन गैस के बाटलिंग प्लांट से गाड़ियां समय पर नहीं पहुंच रही हैं। वर्तमान में सिलिंडर करनाल (हरियाणा) से आ रहे हैं, जिससे परिवहन में समय लग रहा है।
प्रशासनिक हस्तक्षेप और आश्वासन
हंगामे की सूचना मिलते ही पूर्ति निरीक्षक पंकज काला मौके पर पहुंचे। उन्होंने उपभोक्ताओं की शिकायतें सुनीं और एजेंसी प्रबंधन को कड़ी चेतावनी देते हुए जल्द से जल्द बैकलाग खत्म करने के निर्देश दिए। उनके आश्वासन के बाद ही उपभोक्ताओं का गुस्सा शांत हुआ और मामला सुलझा।
”गैस बुक कराए 10 दिन हो गए हैं, लेकिन न कोड मिला न गैस। 45 दिन बीतने पर भी समय पर गैस उपलब्ध नहीं हो पा रही, जिससे घर में चूल्हा जलना मुश्किल हो गया है”-धनंजय सिंह, पीड़ित उपभोक्ता
एजेंसी ने जानकारी दी कि रविवार को 324 घरेलू और 24 कमर्शियल सिलिंडरों की डिलीवरी कर बैकलॉग कम करने का प्रयास किया जाएगा।
