उत्तराखंड बुद्ध पूर्णिमा स्नान हरिद्वार हेतु ट्रैफिक मास्टर प्लान जारी, भारी वाहनों पर पाबंदी, इन रास्तों से होगी एंट्री,,,,,

हरिद्वार। आगामी 01 मई 2026 को होने वाले बुद्ध पूर्णिमा स्नान पर्व के दृष्टिगत हरिद्वार यातायात पुलिस ने कमर कस ली है। श्रद्धालुओं की संभावित भारी भीड़ और वाहनों के दबाव को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सुगम एवं सुरक्षित आवागमन हेतु व्यापक ‘ट्रैफिक रूट व पार्किंग प्लान’ लागू किया है। यह व्यवस्था 30 अप्रैल की रात 12 बजे से प्रभावी हो जाएगी।
प्रमुख यातायात निर्देश और प्रतिबंध
यातायात व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए पुलिस ने स्पष्ट किया है कि दबाव बढ़ने पर भारी वाहनों को जिले की सीमाओं (बॉर्डर) पर ही रोक दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त:
- नो-एंट्री: 30 अप्रैल की रात्रि 12:00 बजे से स्नान समाप्ति तक शहर के भीतर भारी वाहनों का प्रवेश पूर्णतः वर्जित रहेगा।
- ऑटो/विक्रम पर रोक: ललतारा पुल से शिवमूर्ति के बीच ऑटो, विक्रम और टैक्सी का संचालन प्रतिबंधित रहेगा।
- वन-वे व्यवस्था: चीला मार्ग का उपयोग केवल ऋषिकेश से निकासी (एग्जिट) के लिए किया जाएगा।
विभिन्न रूटों के लिए निर्धारित पार्किंग व्यवस्था

डायवर्जन प्लान: यात्री इन रास्तों का करें चुनाव
- भारी दबाव की स्थिति में: दिल्ली और पंजाब/हरियाणा से आने वाले वाहनों को सहारनपुर–बिहारीगढ़–मोहण्ड मार्ग से देहरादून/ऋषिकेश भेजा जाएगा।
- नजीबाबाद जाने वाले वाहन: दिल्ली की ओर से आने वाले वाहनों को नगलाइमरती से लक्सर–बालावाली मार्ग की ओर डायवर्ट किया जा सकता है।
- बस संचालन: देहरादून/ऋषिकेश जाने वाली प्राइवेट बसों को आवश्यकतानुसार रामपुर तिराहा–देवबंद–मोहण्ड मार्ग पर भेजा जाएगा।
लोकल ऑटो/विक्रम संचालन
स्थानीय यात्रियों की सुविधा के लिए ऑटो/विक्रम के लिए सीमाएं तय की गई हैं:
-
- ऋषिकेश की ओर से: केवल जयराम मोड़ तक।
- ज्वालापुर की ओर से: रानीपुर मोड़ और देवपुरा तक।
- BHEL की ओर से: भगत सिंह चौक और टिबड़ी फाटक होते हुए देवपुरा तक।
पुलिस की अपील: हरिद्वार पुलिस ने सभी श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों से अपील की है कि वे यातायात नियमों का पालन करें और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों का सहयोग करें ताकि स्नान पर्व निर्विघ्न संपन्न हो सके।
