उत्तराखंड हरिद्वार जिला गंगा समिति की 74वीं बैठक सम्पन्न, गंगा संरक्षण और घाटों से अवैध अतिक्रमण हटाने के सख्त निर्देश,,,,

हरिद्वार। गंगा नदी की निर्मलता, स्वच्छता और घाटों के संरक्षण को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देशन में कलक्ट्रेट सभागार, रोशनाबाद में जिला गंगा संरक्षण समिति की 74वीं बैठक आयोजित की गई। अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) वैभव गुप्ता की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में गंगा संरक्षण, घाटों की स्वच्छता, अतिक्रमण हटाने, प्रदूषण नियंत्रण और जनजागरूकता से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तृत समीक्षा की गई तथा संबंधित विभागों को कड़े दिशा-निर्देश जारी किए गए।
🟢 संयुक्त अभियान चलाकर हटेगा घाटों से अतिक्रमण
बैठक में जनपद के गंगा घाटों पर बढ़ते अवैध अतिक्रमण पर गहरी चिंता व्यक्त की गई। अपर जिलाधिकारी ने इसे गंभीरता से लेते हुए सिंचाई विभाग हरिद्वार, सिंचाई विभाग उत्तर प्रदेश तथा नगर निगम हरिद्वार को एक संयुक्त और प्रभावी अभियान चलाकर तत्काल अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि घाटों को अतिक्रमण मुक्त बनाए रखने के लिए केवल एक बार की कार्रवाई पर्याप्त नहीं है, बल्कि इसके लिए नियमित निरीक्षण और सतत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
🟢 प्लास्टिक और गंदगी फैलाने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
गंगा की स्वच्छता को बनाए रखने के लिए नगर निगम को घाटों और आसपास के क्षेत्रों में प्लास्टिक, कूड़ा-कचरा तथा पूजा सामग्री फेंकने वालों के खिलाफ सख्त रुख अपनाने को कहा गया है। एडीएम वैभव गुप्ता ने निर्देश दिए कि:
- प्रतिबंधित प्लास्टिक के उपयोग पर पूरी तरह प्रभावी नियंत्रण लगाया जाए।
- नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ लगातार जुर्माने की कार्रवाई की जाए।
- सिंचाई विभाग द्वारा घाटों पर श्रद्धालुओं को जागरूक करने के लिए शीघ्र ही लाउडस्पीकर और सूचना बोर्ड लगाए जाएं।
🟢 जनजागरूकता और एसटीपी की समीक्षा
बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि गंगा को प्रदूषण मुक्त रखना केवल प्रशासन की नहीं, बल्कि जन-जन की जिम्मेदारी है। इसके लिए स्कूलों, सामाजिक संस्थाओं, स्वयंसेवी संगठनों (NGOs) और स्थानीय नागरिकों को साथ लेकर एक व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही, जनपद में संचालित सीवेज शोधन संयंत्रों (STP) के कार्य प्रदर्शन की भी बारीकी से समीक्षा की गई और जल की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए जरूरी कदम उठाने को कहा गया।
🟢 बैठक में मौजूद रहे मुख्य अधिकारी
इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आर. के. सिंह, क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (रुड़की) डॉ. राजेंद्र सिंह, जिला परियोजना अधिकारी (नमामि गंगे) सत्यदेव आर्य, उप मुख्य नगर अधिकारी दीपक गोस्वामी, जिला पर्यटन अधिकारी सुशील नौटियाल, सीवीओ सतीश जोशी, एडवोकेट हिमांशु शरीन, एचआरडीए की असिस्टेंट इंजीनियर वर्षा, कुलदीप सिंह रावत और हेमचंद सहित संबंधित विभागों के तमाम अधिकारी उपस्थित रहे।
