उत्तराखंड हाईकोर्ट की बड़ी राहत, उपनल और आउटसोर्स कर्मचारियों से प्रोत्साहन राशि की रिकवरी पर लगाई रोक,,,

नैनीताल: उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने राज्य के सरकारी विभागों में उपनल (UPNL) और अन्य आउटसोर्स माध्यमों से कार्यरत कर्मचारियों को एक बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने आदेश जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि जब तक कर्मचारियों के प्रत्यावेदन (Representation) पर अंतिम फैसला नहीं हो जाता, तब तक उनसे पूर्व में दी गई प्रोत्साहन राशि (Incentive Amount) की कोई रिकवरी नहीं की जाएगी।
यह महत्वपूर्ण आदेश वरिष्ठ न्यायाधीश न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी की एकलपीठ ने राजाजी नेशनल पार्क में कार्यरत कंप्यूटर ऑपरेटरों व अन्य कर्मचारियों की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया।
🔴 मामले की मुख्य बातें
विवाद की वजह: याचिकाकर्ताओं को 2014 और 2016 में विभिन्न बाह्य एजेंसियों के माध्यम से नियुक्त किया गया था और बाद में 2019 से उन्हें उपनल के तहत सेवाएं देने का अवसर मिला। सरकार का तर्क है कि चूंकि इनकी मूल नियुक्ति उपनल से नहीं थी, इसलिए इन्हें दी गई प्रोत्साहन राशि की रिकवरी की जाए। इस फैसले को कर्मचारियों ने कोर्ट में चुनौती दी थी।
🔴 हाईकोर्ट के निर्देश
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- कोर्ट ने कर्मचारियों को 10 दिनों के भीतर संबंधित अधिकारियों के समक्ष अपना प्रत्यावेदन प्रस्तुत करने को कहा है।
- राजाजी नेशनल पार्क के निदेशक को 10 सप्ताह के भीतर कानून के अनुसार इस प्रत्यावेदन पर निर्णय लेने के निर्देश दिए गए हैं।
- अंतिम निर्णय होने तक किसी भी प्रकार की वित्तीय रिकवरी पर पूरी तरह रोक रहेगी।
हाईकोर्ट ने इन निर्देशों के साथ सभी याचिकाओं को निस्तारित कर दिया है, जिससे विभिन्न सरकारी विभागों में वर्षों से आउटसोर्सिंग के माध्यम से काम कर रहे कर्मचारियों को बड़ी अंतरिम राहत मिली है।
