मसूरी नियमों के उल्लंघन पर MDDA ने सुवाखोली और किंगरेट पिक्चर पैलेस मार्ग पर अवैध निर्माण किए सील,”कानून से ऊपर कोई नहीं”- बंशीधर तिवरी


मसूरी/देहरादून: मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने अवैध निर्माणों के खिलाफ अपने अभियान को और तेज कर दिया है। बुधवार को प्राधिकरण की प्रवर्तन टीम ने मसूरी क्षेत्र में दो अलग-अलग स्थानों पर स्वीकृत मानचित्र के विपरीत और बिना वैधानिक अनुमति के किए जा रहे निर्माणों को सील करने की बड़ी कार्रवाई की। इस सख्त कदम से प्राधिकरण ने स्पष्ट संदेश दिया है कि नियमों का उल्लंघन किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
🔴 इन दो प्रमुख स्थानों पर हुई सीलिंग की कार्रवाई:
- सुवाखोली (चम्बा-टिहरी मोटर मार्ग): यहां विनोद बिष्ट द्वारा भवन उपविधियों (बायलाॅज) और स्वीकृत मानचित्र के विपरीत निर्माण कार्य कराया जा रहा था। अनियमितताएं पाए जाने पर टीम ने भवन को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया।
- किंगरेट पिक्चर पैलेस मार्ग (मसूरी): इस मार्ग पर सुसमा जैसवाल द्वारा कराए जा रहे अवैध निर्माण का निरीक्षण करने के बाद, कार्य नियमानुसार न पाए जाने पर भवन को सील किया गया।
दोनों ही कार्रवाइयों के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा, जिससे पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। इस अभियान में सहायक अभियंता अजय मलिक, अवर अभियंता अनुराग नौटियाल और सुपरवाइजर मुख्य रूप से मौजूद रहे।

🔴 अधिकारियों का कड़ा रुख और अपील

“कानून से ऊपर कोई नहीं, कार्रवाई जारी रहेगी”- बंशीधर तिवारी (उपाध्यक्ष, एमडीडीए)
“प्राधिकरण क्षेत्र में नियोजित एवं सुरक्षित विकास सुनिश्चित करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। बिना स्वीकृति के किए जाने वाले निर्माण भविष्य में जनसुरक्षा और शहरी व्यवस्था के लिए चुनौती बन सकते हैं। सभी भवन स्वामी निर्माण से पहले आवश्यक स्वीकृतियां प्राप्त करें। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सीलिंग और ध्वस्तीकरण (demolition) की कार्रवाई आगे भी पूरी सख्ती से जारी रहेगी।”
🟢 “नियमों का पालन कर कानूनी पचड़ों से बचें” — मोहन सिंह बर्निया (सचिव, एमडीडीए)
“एमडीडीए लगातार क्षेत्र में निगरानी रख रहा है और शिकायत मिलने पर तत्काल जांच की जा रही है। नागरिकों से अपील है कि वे स्वीकृत मानचित्र के अनुरूप ही निर्माण कराएं। नियमों का पालन करने से वे अनावश्यक कानूनी कार्रवाई से बच सकते हैं और क्षेत्र का सुव्यवस्थित विकास भी सुनिश्चित होगा।”
