उत्तराखंड यमुनोत्री धाम बाढ़ सुरक्षा योजना, 21.5 करोड़ रुपये स्वीकृत होने के बावजूद कार्य ठप, स्थानीय लोगों में गहरी चिंता,,,,

उत्तरकाशी: चारधाम यात्रा के प्रमुख पड़ाव यमुनोत्री धाम को बाढ़ और आपदा के संभावित खतरों से सुरक्षित करने के उद्देश्य से स्वीकृत 21.5 करोड़ रुपये की बाढ़ सुरक्षा योजना प्रशासनिक और विभागीय सुस्ती के चलते गंभीर सवालों के घेरे में आ गई है। बजट की स्वीकृति, टेंडर प्रक्रिया पूरी होने और करीब दो महीने पहले निर्माण एजेंसी के साथ अनुबंध होने के बावजूद अब तक मौके पर निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है। जुलाई 2024 में आई भीषण आपदा के दौरान यमुनोत्री और जानकीचट्टी क्षेत्र में हुए भारी नुकसान को देखते हुए इन सुरक्षा कार्यों को बेहद आवश्यक माना गया था, जिसके बाद सिंचाई विभाग द्वारा इस योजना का खाका तैयार किया गया था। शुरुआत में इसके लिए 18 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए थे, जिसे अपर्याप्त मानते हुए शासन स्तर से बढ़ाकर 21.5 करोड़ रुपये कर दिया गया था, जिससे क्षेत्र में स्थायी सुरक्षा इंतजामों की उम्मीद जगी थी।
🟢 मानसून और प्रशासनिक देरी के फेर में फंसी यमुनोत्री बाढ़ सुरक्षा योजना, यात्रा के दूसरे चरण से पहले बढ़ी मुश्किलें
भौगोलिक रूप से बेहद संवेदनशील यमुनोत्री क्षेत्र में मानसून के दौरान तेज बारिश, नदी-नालों का बढ़ता जलस्तर और भूस्खलन का खतरा हमेशा बना रहता है, और वर्तमान में कार्य शुरू न होने से स्थानीय निवासियों, कारोबारियों तथा यमुनोत्री मंदिर समिति की चिंताएं काफी बढ़ गई हैं। सितंबर से शुरू होने वाले चारधाम यात्रा के दूसरे चरण में श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ने की संभावना है, जिसके चलते सुरक्षा प्रबंधों का समय पर पूरा होना आवश्यक है। यमुनोत्री मंदिर समिति के प्रवक्ता पुरुषोत्तम उनियाल ने भी 2024 की आपदा से सबक लेते हुए सुरक्षा कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर जल्द शुरू करने की मांग उठाई है। दूसरी ओर, सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता संजय राज का कहना है कि बरसात के चलते फिलहाल कार्य शुरू नहीं हो पाया है, लेकिन निर्माण एजेंसी द्वारा मशीनरी मौके पर पहुंचाने की तैयारी की जा रही है और मौसम अनुकूल होते ही तेजी से काम शुरू करवा दिया जाएगा।
